8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग को लेकर बेसब्री से इंतजार बढ़ता जा रहा है। 3 नवंबर को नए वेतन आयोग की कमेटी गठित की जा चुकी है। अब इसी बीच कर्मचारियों की सैलरी हाइक पर बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 51480 रुपये प्रति महीना हो जाएगी।
हर दस साल में लागू होता है वेतन आयोग
केंद्र सरकार की ओर से हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। अब तक सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं। अब कर्मचारियों के अंदर 8वें वेतन आयोग को लेकर इंतजार बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से नए वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना था।
1 जनवरी से ही प्रभावी होगा नया वेतन आयोग
अगर पिछले पैटर्न पर गौर करें तो 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 6 महीने के अंदर ही मंजूरी दे दी गई थी, जो 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। अगर उसी समय के आधार को देखें तो 8वां वेतन आयोग अब तकरीबन 20 महीने बाद लागू हो सकता है। वहीं, कमेटी को 18 महीने का समय दिया गया है, ऐसे में 13 महीने में रिपोर्ट आ जाएगी। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो गया है और 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
अभी कितनी है कर्मियों की सैलरी
अभी वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी दी जा रही है। अभी कर्मियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये है। वहीं, पेंशनभोगियों को 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल पेंशन 9000 रुपये दिया जाता है। इसके साथ ही 7वें वेतन आयोग के तहत अधिकतम मूल वेतन 2,25,000 रुपये के आस-पास है। वहीं, कैबिनेट सचिव और अन्य जैसे शीर्ष पदों पर बैठें लोगों को 2,50,000 रुपये मिलते हैं। जब सातवां पे कमीशन लागू हुआ था तो उस समय फिटमेंट 2.57 तय किया गया था और DA/DR अभी 58 परसेंट है।
कितनी बढ़ेगी कर्मियों की सैलरी
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आठवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.86 के आस-पास हो सकता है। अभी सातवें वेतन आयोग के तहत कर्मियों की मिनिमम बेसिक सैलरी (Minimum basic salary of employees) 18000 रुपये है। अगर सरकार नए पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर 2.86 परसेंट तय करती है, तो इससे कर्मियों की सैलरी 18000*2.86 = 51480 रुपये तक पहुंचेगी। यानी की नए पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर 2.86 होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 51480 रुपये के आस-पास हो जाएगी। यानी कि मूल वेतन में 186 परसेंट का इजाफा हो सकता है।
हालांकि, अभी तक सरकार ने 2.86 फिटमेंट फैक्टर या 186 परसेंट की सैलरी हाइक की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अभी यूनियन यह मांग कर रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर 3 रखा जाए। अगर ऐसा होता है तो कर्मियों का न्यूनतम वेतन 54000 तक जा सकता है।