Sarso ka bhav 4 April 2026 : अभी और उठेगी सरसों की कीमत, इतना हो जाएगा सरसों भाव

Sarso ka bhav 4 April 2026 : सरसों की कीमतो में आज थोड़ी नरमी देखने को मिली है। परंतु, सरसों के दाम अब भी तेजी के पथ पर रह सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरसों की कीमतों में अभी और उछाल देखने को मिलेगा। किसान भी इसी उम्मीद के हिसाब सरसों का स्टॉक भी कर रहे हैं। चलिए जानते हैं सरसों के दामों के बारे में-

इस बार सरसारी बिक्री भी नहीं कर रहे किसान
किसानों ने इस बार लगभग सारी ही सरसों प्राइवेट प्लेयर्स को बेची है। सरकारी बिक्री किसानों ने इस बार नहीं की है, क्योंकि सरकार की तरफ से तय एमएसपी भाव 6200 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि प्राइवेट खरीद इससे अच्छे दामों पर हो रही है।

कहीं कहीं तो दाम 9500 तक भी चले गए हैं। आम तौर पर भाव की बात करें तो 6800 से 7000 के आसपास चल रहे हैं। हालांकि आज कुछ नरमी देखने को मिली, परंतु, कुल मिलाकर सरसों एमएसपी से तो ऊपर ही बिक रही है।

देश की कुछ अलग-अलग मंडियों में सरसों की कीमत
राजस्थान के गंगानगर की सूरतगढ़ मंडी में – 5601 से 6762 रुपये प्रति क्विंटल
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की बाबैन मंडी में – 6200 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल
राजस्थान के Deeg की Sikri मंडी में – 6250 से 6950 रुपये प्रति क्विंटल
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की कंडी मंडी में – 6500 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल
राजस्थान के जयपुर की बस्सी मंडी में – 6300 से 7156 रुपये प्रति क्विंटल


राजस्थान के अलवर की Govindgarh मंडी में – 6243 से 7027 रुपये प्रति क्विंटल
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर की भरुआसुमेरपुर मंडी में – 6400 से 6400 रुपये प्रति क्विंटल
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की छर्रा मंडी में – 6000 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर की मौदाहा मंडी में – 6700 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश के उमरिया की उमरिया मंडी में – 5500 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल

सरसों के तेल के भी बढ़ सकते हैं दाम
सरसों के तेल के दामों में भी इजाफा होने की उम्मीद है। किसानों की सरसों को अच्छे भाव मिल रहे हैं, वहीं, भविष्य में खाद्य तेलों की मांग बढ़ने पर सरसों का तेल भी रफ्तार पकड़ सकता है। अभी से कहीं, कहीं पर सरसों तेल की कीमत बढ़ने लगी है। सरसों की कीमतों में तेजी से किसानों को जरूर लाभ हो रहा है, परंतु, तेल महंगा होने से आम आदमी को परेशानी हो सकती है।

क्यों बढ़ रही है कीमत
सरसों की कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा और एकमात्र कारण आयात प्रभावित होना है। दरअसल, अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमले के बाद से समुद्री रास्ते का रूट प्रभावित है। इससे विदेशों से आने वाले खाद्य तेल का आयात कम हुआ है। इसकी वजह से सरसों की कीमत बढ़ रही है। प्राइवेट मिल संचालक पहले से ही सरसों खरीद रहे हैं व किसानों को अच्छे दाम दे रहे हैं।

आगे भी बढ़ सकती है सरसों की कीमत
सरसों के दामों में आगे और भी तेजी आ सकती है। एक तो खेतों में बारिश और ओलावृष्टि की वजह से पैदावार प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से मंडी में सरसों कम पहुंचेगी तो बोली पर ज्यादा दाम मिलने की उम्मीद है। आढ़ती मंदीप का कहना है कि आगे सरसों की कीमत 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक रह सकती है।

Leave a Comment