Earthquake : हरियाणा समेत उत्तर भारत में आया जोरदार भूकंप, 5.9 रही तीव्रता

Earthquake today : हरियाणा समेत उत्तर भारत, पाकिस्तान से लेकर अफगानिस्तान तक भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के कारण लोग सहमें नजर आए और घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता काफी अधिक रही है। भूंकप 5.9 मैग्नीट्यूड का रहा है। चलिए जानते हैं इस भूकंप के बारे में पूरी डिटेल्स-

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे जानकारी
भूकंप आने की जानकारी लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। फेसबुक और एक्स पर लोग लिख रहे हैं कि उन्होंने जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए हैं। पंजाब के एक यूजर ने लिखा है कि उन्होंने इतनी तेज भूकंप पहले नहीं देखा।

वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली एनसीआर के लोगों ने भी भूकंप आने की सूचना सोशल मीडिया पर शेयर की है। हरियाणा के पानीपत, हिसार समेत कईं जिलों से लोगों की प्रतिक्रियाएं आई हैं। इसके अलावा पाकिस्तान तक के लोगों की सोशल मीडिया पर भूकंप आने की प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भूकंप कितना तेज रहा है।

9 बजकर 42 मिनट पर आया भूकंप
देश में भूकंप के झटके 9 बजकर 42 मिनट पर महसूस किए गए। भू वैज्ञानिक डॉक्टर जेएल गौतम के अनुसार भूकंप 5.9 मैग्नीट्यूड का रहा है। वहीं, भूकंप धरती के अंदर 150 Km नीचे हुई हलचल के कारण आया है। वहीं, भूकंप के केंद्र आंकलन शुरुआती फेज में अफगानिस्तान क्षेत्र में किया गया है। यानी कि अफगानिस्तान में आए भूकंप का असर भारत तक देखने को मिला है।

क्यों आता है भूकंप
भूकंप आने का कारण टेक्टोनिक प्लेट होती है। दरअसल पृथ्वी में भू-भाग टेक्टोनिक प्लेटों पर टिका हुआ है जो लावा रूपी तरल पर तैरती रहती है। जब यह टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती हैं तो भूकंप महसूस होता है। भूकंप आने से पहले इसी वजह से पूर्वानुमान भी नहीं लगाया जा सकता। टेक्टोनिक प्लेट जो बहुत बड़ी पहाड़ रुपी चट्टानें होती है जिनके बीच में दरारें होती है जिनको फॉल्ट लाइन कहा जाता है। वहीं इन पर हलचल होने से भूकंप आता है।

भूकंप से बचाव के लिए क्या करना चाहिए
भूकंप से बचाव के लिए लोगों को भूकंपरोधी तकनीक शहर बनाने चाहिए। इसके अलावा कहीं पर ज्यादा तेज भूकंप आता है तो तुरंत खुले स्थान पर भाग जाना चाहिए। कहीं पर भूकंप से नुकसान होता है तो रेस्क्यू टीम के साथ लोगों की मदद की जानी चाहिए।

अलग-अलग जोन में बटी हुई है पृथ्वी
भूकंप के लिहाज से पृथ्वी अलग-अलग जोन में बटी हुई है। कुछ इलाकों में भूकंप की गतिविधियां ज्यादा होती रहती है तो कुछ इलाकों में भूकंप का खतरा बहुत कम रहता है। इसलिए जिस इलाके में भूकंप का खतरा ज्यादा है, वहां पर लोगों को अपने घर बनाते समय हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि भूकंपरोधी तकनीक को अपनाकर ही मजबूत घर बनाए।

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