Hisar News : हरियाणा सरकार की ओर से हरियाणा के हिसार जिले में सबसे आधुनिक कमांड सेंटर को मंजूरी दी गई है। इस कमांड सेंटर की निर्माणी लागत 170 करोड़ रुपये तय की गई है। खबर में जानिए कि इस आधुनिक कमांड सेंटर का लोगों का कैसे फायदा पहुंचेगा।
हरियाणा शहर का हिसार जिला तेजी से ग्रोथ कर रहा है। बीते कुछ समय यहां पर कई निर्माणी कार्य किए गए हैं। अब हरियाणा के कई जिलो के साथ ही हिसार औद्योगिक, स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले पर टॉप पर आता है। अब जल्द ही सरकार की ओर से यहां पर सबसे आधुनिक कमांड सेंटर का निर्माण किए जाने का प्लान तैयार किया गया है।
शहर में बढ़ेगी ये आधुनिक व्यवस्था
हिसार शहर को सरकार की ओर से स्मार्ट बनने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर मंजूरी दे दी गई है, इसके लिए 170 करोड रुपए की लागत आंकी गई है। इस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के निर्माण से शहर में ट्रैफिक, सीसीटीवी निगरानी, पानी की सप्लाई का प्रबंध सिस्टम सब कुछ आधुनिक होगा। बड़ी बात यह है कि हिसार नगर निगम के द्वारा जो आरएफपी इतनी सटीक तैयार की गई है कि अब इसी के आधार पर रोहतक, यमुनानगर, अंबाला और पानीपत में भी आईसीसी प्रोजेक्ट को तैयार किया जाएगा।
वीडियो कांफ्रेंस की माध्यम से लगी मुहर
बता दें कि इस प्रोजेक्ट की मोहर नगर निगम की सीएंडएस के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस की माध्यम से मीटिंग पर मंजूरी दो दिन पहले ही दी गई है। आयुक्त एवं सचिव ने स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी के बेस पर इस परियोजना को हरी झंडी दिखाई है। उसके बाद अब निगम विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय से इस प्रोजेक्ट की प्रशासनिक तौर पर मंजूरी ली गई है।
किसे सौपां गया आईएफपी तैयार करने का जिम्मा
जानकारी के लिए बता दें कि नगर निगम कमिश्नर IAS नीरज ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की हुई है और सरकार ने आईसीसी की आईएफपी तैयार करने का जिम्मा उन्हीं को सौपां था। इस दौरान उन्होंने आरएफपी तैयार करने से पहले कई जिलों में इस प्रोजेक्ट को लेकर जानकारी साझा की है, उसके बाद उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की स्टडी कर इसकी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल का पूरा ब्यौरा तैयार किया है। अब यह RPF पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। अब अन्य नगर निगम इसी RPF के बेस पर अपनी सिटी के हिसाब से डीपीआर को तैयार करेंगे।
कितने फुट एरिया में निर्मित होगा कंट्रोल रूम
बता दें कि यह कंट्रोल रूम तकरीबन 5,100 वर्ग फुट एरिया में निर्मित होगा और यह इंप्रूवमेंट ट्रस्ट भवन के पास बनाया जाएगा। इस केंद्र के बनने से शहर की गतिविधियों का अलग से कंट्रोल रूम होगा जहां से लीज लाइन के माध्यम से शहर के हर कोने में नजर रखी जाएगी।
किन 7 डोमेन पर किया जाएगा फोकस
सरकार की ओर से शहर में जिन डोमेन पर फोकस किया जा रहा है, उसमें ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रमुख है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट के जरिए इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम से जाम और रेड लाइट जंप करने वाले लोगों पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।
उसके बाद सीसीटीवी सर्विलेंस, जिसे सुरक्षा के लिए वीडियो एनालिटिक्स तकनीक का यूज किया जाएगा और वहां पर नजर रखी जाएगी।
इसके साथ ही बूस्टिंग स्टेशन पर पानी की बर्बादी की रोकथाम के लिए और फ्लो व एनर्जी मॉनिटरिंग हो सकें, इसके लिए स्मार्ट वॉटर लगाए जाएंगे।
इतना ही नहीं अब हिसार शहर में इमरजेंसी में एक साथ सूचना देने के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया जाएगा।
बजट की बात करें तो इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 170 रुपए करोड़ की लागत आंकी गई है, जिसमें से 5 साल का रखरखाव भी जोड़ा गया है। कुछ जानकारो का कहना है कि इसकी अनुमानित खर्च जैसे कि डाटा सेंटर में 22.95 रुपये करोड़, एमपीएलएस नेटवर्क में 15.80 रुपए, सर्वेलांस सिस्टम में 16.43 रुपए और आईसीसी इंफ्रास्ट्रक्चर में 14.63 करोड़ लागत आने का अनुमान है।
प्रोजेक्ट को स्टेट लेवल पर दिखाई हरी झंडी
हिसाब नगर निगम की टीम की ओर से इस प्रोजेक्ट को स्टेट लेवल पर हरी झंडी मिल गई है और अब इस प्रोसेस को आगे बढ़ाने को लेकर सीएम साहब से प्रशासनिक मंजूरी को लिया जाना है, जिसके बाद इसका आगे का काम शुरू हो जाएगा। जैसे ही यह सिस्टम लागू होता है तो उस शहर में ट्रैफिक सुरक्षा और नागरिक सेवाएं पारदर्शी होंगी।