Hisar Ring Road Project : हिसार के रिंग रोड के प्रोजेक्ट के लिए लगातार तेजी से कार्य किया जा रहा है। रिंग रोड के दायरे को भी बढ़ाया गया है। हिसार के इस रिंग रोड के लिए गांवों में जमीन का अधिग्रहण भी किया जाना है। वहीं, इस रिंग रोड के बनने से जमीनों के दामों में बढ़ौतरी होना निश्चित माना जा रहा है।
41 किलोमीटर का होगा रूट
हिसार में जो रिंग रोड बनाया जाएगा अब उसके दायरे को बढ़ाया गया है। रिंग रोड का दायरा 41 किलोमीटर कर दिया गया है। यानी की पहले से करीब दौगुना कर दिया गया है। ऐसे में इसके अंडर आने वाले गांवों के नाम भी बदल रहे हैं। यह रिंग रोड शहर को चारों तरफ से घेरने का काम करेगा। एनएचएआई की तरफ से पहले 25.3 से 38.4 किलोमीटर तक परियोजना प्रस्तावित थी।
एक महीने में होगी डीपीआर तैयार
वहीं, इस रिंग रोड के लिए डीपीआर भी तैयार की जानी है। प्रोपर्टी एक्सपर्ट सुनील के अनुसार डीपीआर तैयार करना आसान काम नहीं है। जब भी डीपीआर की जिम्मेदारी किसी को दी जाएगी वो कम से कम एक महीने में डीपीआर तैयार करेंगे। वहीं, किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का प्रोसेस भी छोटा नहीं होता है।
लागत में होगा इजाफा
इस रिंग रोड परियोजना में खर्च में भी इजाफा होगा। यह खर्च अब करीब दो गुना हो जाएगा। रूट में ही 15.7 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे हिसार के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर 1900 करोड़ रुपये खर्च होने की बजाय अब 3400 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं। अब प्रस्ताव को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा, जहां से मंजूरी के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जमीन खरीदने का भी बढ़ेगा दायरा
रिंग रोड प्रोजेक्ट का दायरा बढ़ने से एक बात तो क्लीयर है कि जमीन खरीद कहें या भूमि अधिग्रहण, इसका भी दायरा बढ़ेगा। वहीं, निर्माण सामग्री की लागत भी बढ़ेगी। प्रोजेक्ट बढ़ने से पुल पुलिया और इंटरचेंज की संख्या में भी इजाफा हो जाएगा। ऐसे में पूरी तरह से लागत में इजाफा होगा। हालांकि अब ज्यादा कॉलोनियों को इस प्रोजेक्ट से लाभ दिया जा सकेगा।
शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति
हिसार के लिए रिंग रोड प्रोजेक्ट काफी बहुमूल्य है। रिंग रोड के बनने से बाहरी यातायात शहर में प्रवेश नहीं कर सकेगा और ट्रैफिक बाहर के बाहर डायवर्ट हो सकेगा। प्रोजेक्ट के माध्यम से राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड व अन्य प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ने का काम किया जाएगा। वहीं, प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण का करीब 90% सर्वे संपूर्ण हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस रोड के बन जाने से शहर में भविष्य में भी दशकों तक ट्रैफिक की समस्या से समाधान मिल सकेगा। वहीं, शहर का दायरा बढ़ेगा तो रिंग रोड के अंदर ही डेवलप होने में वर्षों लग जाएंगे।
जानें किन गांवों से निकलेगा रूट
रिंग रोड का एक सिरा गंगवा और देवा के बीच से शुरू होगा। यहां से यह हरिकोट, डाबडा, लाडवा, भगाना, मय्यड़, खरड़, कुलाना, नियाना, खोखा, खरकड़ी, मिर्जापुर, धान्सु, तलवंडी राणा तक जाकर चंडीगढ़ रोड तक जाएगा। इन गांवों को भी रिंग रोड से लाभ होगा। यहां, जमीन की कीमतें बढ़ सकती है।
नया एरिया शामिल, इतना होगा भूमि अधिग्रहण
अब नए प्रोजेक्ट में रिंग रोड को 41 किलोमीटर बनाया जाना है। इस प्रोजेक्ट के लिए 667 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जाएगी। जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के चलते ट्रैफिक पूरी तरह से शहर में प्रवेश किए बिना ही डाइवर्ट हो जाए। इसको लेकर अब मुकलान से तलवंडी राणा तक का हिस्सा शामिल किया गया है। राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड सहित प्रमुख मार्गों को इस रिंग रोड से कनेक्ट किया गया है।