हिसार में बदला रिंग रोड का रूट, इन गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण

Hisar Ring Road Update : हरियाणा के हिसार में रिंग रोड के प्रोजेक्ट में बदलाव किया गया है। अब रिंग रोड के दायरे को बढ़ाने का फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद रिंग रोड का पूरा रूट ही बदल जाएगा। रिंग रोड शहर के लिए काफी अहम प्रोजेक्ट है। चलिए जानते हैं रिंग रोड के बढ़े हुए दायरे के बारे में-

दिल्ली की तरह बनेगा रिंग रोड
हिसार में दिल्ली की तरह रिंग रोड बनाया जाएगा। इसको लेकर प्रोजेक्ट सामने आ चुका है। पहले जो रिंग रोड का प्रोजेक्ट था, अब इसका दायरा डबल कर दिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से इसको दोगुना किया गया है। पहले परियोजना के अनुसार 25.3 से 38.4 किलोमीटर तक परियोजना प्रस्तावित थी, अब इसको 41 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है।

खर्च भी हो जाएगा लगभग दो गुना
परियोजना का दायरा बढ़ने से परियोजना पर होने वाले खर्च में भी लगभग दो गुना इजाफा हो जाएगा। अब 15.7 किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे हिसार के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर 1900 करोड़ रुपए खर्च होने की बजाय अब 3400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं केंद्र सरकार के पास जब यह प्रोजेक्ट जाएगा तो लागत दो गुना होने से इसमें पेंच भी फंस सकता है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट में उस क्षेत्र को शामिल कर दिया गया है जहां लोग फिलहाल रह रहे हैं या नई कालोनियां कट रही है। इससे नई कॉलोनी काटने वालों को भी सीधा लाभ होगा। वहीं, यहां पर प्रोपर्टी के दाम भी बढ़ सकते हैं।

भूमि अधिग्रहण में भी होगा इजाफा
हिसार रिंग रोड प्रोजेक्ट का दायरा बढ़ने से अब भूमि अधिग्रहण भी अधिक एरिया में किया जाएगा, क्योंकि प्रयोजन की लंबाई बढ़ाई गई है। ऐसे में निर्माण सामग्री, पुल पुलिया और इंटरचेंज की संख्या में भी इजाफा होगा, साथ में नए एलाइनमेंट बनेंगे। इस प्रोजेक्ट से शहर को और विकसित किया जा सकेगा और कॉलोनियों को भी जोड़ा गया है, जिससे इनको भी लाभ होगा। वहीं अधिग्रहण के लिए जमीन का रकबा बढ़ गया है और मुआवजा राशि भी अधिक दी जाएगी। निर्माण लागत और आंतरिक संरचना कार्यों के बजट को भी बढ़ाया जाएगा।

रिंग रोड प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल्स
हिसार के रिंग रोड का मुख्य उद्देश्य शहर को जाम से मुक्ति दिलाना है। बाहरी यातायात शहर में नए आए, बाहर के बाहर निकल जाए इसलिए रिंग रोड प्रोजेक्ट लाया गया है। यह रूट राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड व अन्य प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ने का काम करेगा। प्रोजेक्ट के अनुसार कई जगहों पर फ्लाईओवर और अंडरपास और सर्विस रोड बनाए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण का करीब 90% सर्वे संपूर्ण हो गया है। वहीं सैकड़ो एकड़ जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा, जिससे किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

क्या कहते हैं अधिकारी
रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विपिन मंगला की ओर से मीडिया में बताया गया है कि रिंग रोड का दायरा इसलिए बढ़ाया गया है ताकि यह पूरे तरीके से बाईपास की तरह काम करें और शहर को स्थाई रूप से जाम की समस्या से निजात मिल जाए। अब एलाइनमेंट को संशोधित किया गया है, जिससे भूमि अधिग्रहण के कारण परियोजना की लागत भी बढ़ जाएगी, लेकिन इससे भविष्य में यातायात पर कम दबाव पड़ेगा और विकास को गति मिलेगी। इस महीने यानी मार्च के अंत तक केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट मंजूर हो सकता है।

कितनी जमीन का किया जाएगा अधिग्रहण
प्रोजेक्ट के अनुसार 41 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाना है। इसके लिए 667 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जाएगी। भूमि अधिग्रहण के लिए 90% सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब जमीन मालिकों को मुआवजा देने के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

यह एरिया हुआ शामिल
हिसार रिंग रोड प्रोजेक्ट का दायरा बढ़ाने का प्रमुख मकसद शहर के बाहरी हिस्सों को आपस में जोड़ना है, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह से शहर में प्रवेश किए बिना ही डाइवर्ट हो जाए। नए विस्तार में मुकलान से तलवंडी राणा तक का हिस्सा शामिल किया गया है। राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड सहित प्रमुख मार्गों को इस बाहरी घेराव में जोड़ा गया है।

किन गांव से होकर गुजरेगा रिंग रोड
रिंग रोड को लेकर जो प्रस्तावित मैप सामने आ रहा है, उसमें गंगवा और देवा के बीच से हरिकोट, डाबरा, लाडवा, भगाना, मय्यड़, खरड़, कुलाना, नियाना, खोखा, खरकड़ी, मिर्जापुर, धान्सु, तलवंडी राणा से चंडीगढ़ रोड शामिल है। यह शहर के चारों तरफ एक सर्किल का आकार लेगा।

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