Sarso Mandi Bhav : सरसों का स्टॉक करने वाले किसान ध्यान रखें, इस दिन गिर जाएगी सरसों की कीमत

Sarso Mandi Bhav : इन दिनों सरसों की कीमतें तेजी के रथ पर सवार है। इससे किसानों को अच्छा मुनाफा भी मिल रहा है। सरसों के दाम एमएसपी से ऊपर चल रहे हैं। यही कारण है कि सरकार के गोदामों में इस बार सरसों पहुंच ही नहीं रही है। सरकार ने सरसों खरीद की पूरी तैयारी तो कर ली है, लेकिन किसान सरकार के पास सरसों लेकर ही नहीं पहुंच रहे हैं।

सरकारी खरीद शुरू, किसान नदारद
मंडियों में सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। परंतु, सरकारी बोली पर सरसों बेचने के लिए किसानों में कोई रूची नहीं दिख रही है। यहीं, कारण है कि सरसों की सरकारी खरीद का आंकड़ा अपडेट नहीं हो रहा है। दरअसल, सरकार की तरफ से इस बार सरसों का एमएसपी भाव 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। जबकि किसानों को प्राइवेट मिलर्स से कम से कम एमएसपी से तो अधिक पैसा मिल ही रहा है। ज्यादातर मंडियों में सरसों के भाव 6800 से 7 हजार के आसपास चल रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है सरसों की कीमत
सरसों की कीमत बढ़ने के सीधी वजह सरसों तेल की डिमांड बढ़ना है। अब सवाल आता है कि सरसों तेल की डिमांड क्यों बढ़ी तो इसका जवाब है कि ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले के बाद आयात निर्यात प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से देश में खाद्य तेलों का आयात कम हो रहा है।

ऐसे में भारत में सरसों का तेल विकल्प के तौर पर अपनाया जा रहा है। पाम ओयल जैसे खाद्य तेल देश में 52 से 60 प्रतिशत ही है। बाकी बाहर से आयात किया जाता है। इस वजह से अब प्राइवेट मिलर्स अच्छे मुनाफे के चलते किसानों से तेज दामों पर सरसों खरीद कर रहे हैं। भविष्य में सरसों तेल की कीमतों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

क्या चल रहे है सरसों के मंडी भाव
राजस्थान के गंगानगर की सूरतगढ़ मंडी – 6150 से 6627 रुपये प्रति क्विंटल
राजस्थान के कोटा की कोटा मंडी – 6950 से 6950 रुपये प्रति क्विंटल
राजस्थान के अलवर की Govindgarh मंडी – 6450 से 6950 रुपये प्रति क्विंटल
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की किशुनपुर मंडी – 5950 से 6050 रुपये प्रति क्विंटल
राजस्थान के Deeg की Sikri मंडी – 6350 से 7050 रुपये प्रति क्विंटल
गुजरात के साबरकांठा की खेडब्रह्म: मंडी – 5700 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल
राजस्थान के बीकानेर की श्रीडूंगरगढ़ मंडी – 6100 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल
उत्तर प्रदेश के सीतापुर की सीतापुर मंडी – 6000 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल


उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ की छर्रा मंडी – 6000 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश के दतिया की सेवड़ा मंडी – 6520 से 7005 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश के शिवपुरी की पोहारी मंडी – 7230 से 7230 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश के शिवपुरी की पोहारी मंडी – 7000 से 7050 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश के भिंड की लहर मंडी – 6690 से 6923 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश के श्योपुर की श्योपुरबडोद मंडी – 7000 से 7151 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश के श्योपुर की विजयपुर मंडी – 6920 से 7050 रुपये प्रति क्विंटल
वहीं, हरियाणा की बात करें तो सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, महेंद्रगढ़, भिवानी समेत तमाम मंडियों में सरसों की कीमत 7 हजार के पास पहुंच चुकी है।

किसानों ने करना शुरू कर दिया स्टॉक
किसानों ने सरसों का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। किसानों का मानना है कि अभी सरसों के दाम और ज्यादा बढ़ सकते हैं। ऐसे में वह सरसों को फिलहाल हॉल्ड कर सकते हैं। हालांकि सभी किसान ऐसा नहीं कर पाते, क्योंकि रखरखाव के लिए सभी के पास तमाम साधन नहीं है। स्टॉक करना एक समझदारी भरा कदम भी हो सकता है जो किसानों को मुनाफा दिला सकता है, परंतु कई बार यह उल्टा भी पड़ जाता है। ऐसा ही कुछ, कुछ साल पहले हो चुका है, जब ग्वार के भाव की तेजी देख किसानों ने स्टॉक किया था और फिर वहीं पुरानी किमतों पर फसल बेचनी पड़ी थी।

कब गिर सकती है सरसों की कीमत
ऐसा शायद ही कभी देखा गया हो कि सरसों को किसान प्राइवेट प्लेयर्स को बेचना पसंद करें। इस बार सरसों के दाम बढ़ने का कारण इरान इस्राइल युद्ध को माना जा रहा है। परंतु, जिस दिन इस युद्ध का समाधान निकलेगा और आयात निर्यात सामान्य हो जाएगा तो सरसों की कीमत गिर सकती है। ऐसे में किसान अपने खेत के साथ इस युद्ध पर भी नजर रखें और स्टॉक अपने रिस्क पर ही रखे। हालांकि हालात सामान्य होने में अभी टाइम लगने का अंदेशा है, टाइम कितना लगेगा, इसपर कुछ कहना मुश्किल है।

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