Wheat rate down : एक तरफ खेतों में गेहूं की फसल पक रही है तो दूसरी तरफ बाजारों में गेहूं की कीमत लगातार गिर रही है। लगातार गिर रही कीमतों ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। जल्द ही मार्केट में नया गेहूं आने वाला है। ऐसे में गेहूं की कीमत एमएसपी से भी नीचे जाना, किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। चलिए जानते हैं देशभर में गेहूं के क्या दाम चल रहे हैं।
गेहूं की औसत कीमतों में आई गिरावट
देशभर की मंडियों में गेहूं का रुख लगातार नरम पड़ रहा है। मार्च की शुरुआत से ही कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। औसत कीमतों में गिरावट आना किसानों के लिए चिंता का सबब बन गया है। कई राज्यों में तो गेहूं की कीमत एमएसपी के नीचे पहुंच गई है। वहीं कई में एमएसपी के आसपास ही चल रही है। नई फसल की आवक के समय में यह गिरावट नई फसल के भी कम दाम तय कर सकती है।
गेहूं के बाजार भाव में आया दबाव
गेहूं के बाजार भाव में दबाव देखने को मिल रहा है। कीमतें लगतर गिर रही हैं। इसका प्रमुख कारण नई फसल की आवक को ही माना जा रहा है। एमएसपी से भी कम दाम बाजार में गेहूं बिक रहा है। एक सप्ताह पहले जो कीमत 2566 प्रति क्विंटल प्रति थी वह मार्च के पहले सप्ताह में 2458 रुपए प्रति क्विंटल रह गई है। यानी कि मात्र 7 दिन में 107 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखने को मिली है।
किस राज्य में कितनी गिर गई कीमत
राज्य के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ में गिरी है। यहां पर 26.1% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद देश की राजधानी दिल्ली में 10.2% और महाराष्ट्र में 4.7% की गिरावट दर्ज की गई है। उसके बाद राजस्थान का नंबर आता है, जहां 3.9% की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, मध्य प्रदेश में औसत कीमत में 3.4% की कमी आई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल में भी हल्की गिरावट देखने को मिली है। यहां पर 2% के आसपास की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं हरियाणा पंजाब की मंडियों में ज्यादातर गेहूं एमएसपी पर बिकता है तो यहां के किसानों को भाव गिरने की ज्यादा चिंता नहीं सता रही है।
क्या है इस बार गेहूं की एमएसपी
इस बार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपए का इजाफा किया गया है। रबी मार्केटिंग सीजन 2025-26 का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल था जो 2026-27 के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। वहीं बाजार भाव एमएसपी से काफी नीचे चले गए हैं। ऐसे में किसानों को नई उपज के सही दाम को लेकर चिंता सता रही है।
मासिक और सालाना आधार पर भी कीमतों में गिरावट
गेहूं के सरकारी आंकड़ों को देखें तो सालाना आधार पर भी गेहूं में गिरावट देखने को मिल रही है। महीने के हिसाब से देखे तो फरवरी 2026 में औसत थोक भाव 2622 रुपए प्रति क्विंटल था जो मार्च में नीचे आ गया है जबकि जनवरी में यह भाव 2672 रुपए प्रति क्विंटल था। यानी लगातार भाव गिरते आ रहे हैं। मासिक भाव में महाराष्ट्र में 9.7% और गुजरात में 5.9% की गिरावट देखने को मिली। राजस्थान और मध्य प्रदेश में 6% के आसपास की मासिक गिरावट दर्ज की गई है। हरियाणा और बिहार में भी बाजार भाव में 4 से 5% की कमी देखने को मिली है। जबकि दूसरी तरफ सरकार की तरफ से फरवरी की शुरुआत में ही गेहूं के भंडारण से लिमिट भी हटा दी गई है। 13 फरवरी को 25 लाख टन गेहूं के निर्यात को अनुमति भी दी गई थी।
सालाना आधार पर गिरावट की बात करें तो फरवरी 2025 में देश में औसत थोक कीमत 2830 रुपए प्रति क्विंटल तक चली गई थी जो फरवरी 2026 में घटकर 2622 रुपए रह गई है। यानी कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल वैसे ही गेहूं की कीमत कम है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में गेहूं की औसत कीमत सालाना आधार पर डबल डिजिट में गिरी है।
आगे क्या रह सकती है कीमत
इस बार खेतों में गेहूं की फसल अच्छी दिखाई दे रही है, जिससे रिकॉर्ड पैदावार होने की संभावना है। ऐसे में जब बाजार में नई फसल आएगी तो गेहूं की कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है। गेहूं की कीमत में गिरावट के ही संकेत मिल रहे हैं। मार्च में और अप्रैल में प्रमुख उत्पादक राज्य पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में गेहूं की कटाई तेज हो जाएगी, जिससे बाजार में गेहूं का स्टॉक बढ़ जाएगा और कीमत और ज्यादा गिर सकती है। हालांकि सरकार की तरफ से किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर ही फसल खरीद करने का दावा किया जा रहा है। एमएसपी से ऊपर बाजार में भाव मिलन बहुत ही मुश्किल है।
किसानों को सरकारी खरीद की ही उम्मीद
बता दें कि किसान अपनी फसल को सरकारी खरीद में ही देना पसंद करेंगे, क्योंकि एमएसपी से नीचे दाम चल रहे हैं। मध्य प्रदेश में 10 मार्च तक किसानों को रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके बाद खरीद की तारीख का ऐलान किया जाएगा। वहीं हरियाणा में 1 मार्च से फसल खरीद शुरू हो जाएगी। मध्य प्रदेश के किसानों को ₹40 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी।