Hisar के 11 गांवों के किसानों को राहत, 15 अप्रैल तक फसल नुकसान की दें जानकारी, खुल गया ई क्षतिपूर्ति पोर्टल

Hisar News : पिछले कई दिनों से बरसात के इस मौसम से लोगों को गर्मी से तो राहत मिली है लेकिन किसानों की फसलों को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। अब हिसार जिले के 11 गांवों के किसानों को सरकार की तरफ से एक राहत भरी खबर मिली है। आपको बता दे कि अब 15 अप्रैल तक हिसार जिले के 11 गांवों के किसान अपनी फसलों में हुए नुकसान की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दे सकेंगे।


हरियाणा सरकार (Haryana Government) की तरफ से अपने प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए समय-समय पर कई तरह के अहम कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले दिनों हुई बरसात की वजह से हिसार जिले के कई किसानों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा। सरकार की तरफ से कल तक ई क्षतिपूर्ति पोर्टल (e compensation portal) को खोल दिया गया है और अब हिसार जिले के 11 गांवों के किसान अपनी फसलों में हुए नुकसान की जानकारी आज और कल इस पोर्टल पर दे सकते हैं।


इस सरकारी पोर्टल पर किसान (Hisar News) मार्च-अप्रैल महीने में हुई बरसात और ओलावृष्टि की वजह से खराब हुई रबी फसलों के नुकसान (Losses of Rabi crops) की जानकारी अपलोड कर सकते हैं। राज्य सरकार (state government) की तरफ से यह पोर्टल चुनिंदा 11 गांवों के लिए ही केवल 15 अप्रैल तक खोला गया है।


नगराधीश हरिराम (City Magistrate Hariram) की तरफ से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा (Revenue and Disaster Management Department, Haryana) द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार गांव तेलनवाली, वीरपुर, घुड़साल, डोभी, चौधरी वाली, खारिया, सलेमगढ़, किरतान, सुंडावास, काबरेल, बगला के किसानों के लिए यह पोर्टल खुला रहेगा।


जिन किसानों की फसलों को बरसात तथा ओलावृष्टि की वजह से नुकसान हुआ है वह समय रहते अपनी खराब फसलों की जानकारी (Information about bad crops) इस सरकारी पोर्टल पर दर्ज करवा दे ताकि उन्हें नुकसान के हिसाब से मुआवजा मिल सके।


कहां कितनी फसलें हुई खराब


आदमपुर इलाके (Adampur area) के इन गांव में गेहूं की फसल में 1120 हेक्टेयर में 51 से 75% नुकसान, 970 हेक्टेयर मे 76 से 100% तक नुकसान दर्ज किया गया है। आदमपुर हल्के के इन गांव में सरसों की फसल में नुकसान (Damage to mustard crop) देखे तो वह 50 हेक्टेयर में 51 से 75% तथा 210 हेक्टेयर में 76 से 100% तक का नुकसान रिकॉर्ड किया गया है। जौं की फसल में 33 हेक्टेयर में 51 से 75% नुकसान तथा 60 हेक्टेयर में 76 से 100% तक का नुकसान रिकॉर्ड किया गया है।


सरसों की फसल में काफी ज्यादा नुकसान


मार्च 2026 में रुक-रुक कर हुई बरसात और उसके बाद चली तेज हवा की वजह से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद (Damage to mustard crop) हो गई है। कृषि तथा किसान कल्याण विभाग (Agriculture and Farmers Welfare Department) के अनुसार मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि गेहूं की तकरीबन 2 लाख 41 हजार 805 एकड़ फसल को 25% तक का नुकसान हुआ है। सरसों की 31 हजार 175 एकड़ फसल को 25% तथा 7045 एकड़ फसल में 25 से 50% तक का नुकसान देखा गया है।


सबसे ज्यादा इन गांव में हुआ नुकसान


बरवाला गांव में 6100, खरक पुनिया में 1900, राजली में 1700, मतलोडा में 1600, खेदड़ में 1400, बालक गांव में 1350, जुगलान में 1300, हसनगढ़ में 1150, खरकड़ा में 1150, गैबीपुर में 940, बयाना खेड़ा में 890, संदलाना में 780, बनभौरी में 750 हैकटेयर में 0 से 25% का नुकसान देखा गया है। गांव राजली में 420, सुलखनी में 250, पंघाल में 300, बधावड में 240 हैकटेयर में 26 में से 50% तक का नुकसान देखा गया है।


बरवाला, आदमपुर और बालसमंद में ज्यादा नुकसान


मार्च महीने की 31 तारीख को हुई बरसात और ओले गिरने की वजह से जिलें में काफी नुकसान हुआ। कृषि विभाग (Agriculture Department) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार बरवाला, आदमपुर और बालसमंद के इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ा। बरवाला क्षेत्र में कुल 44,431 हेक्टेयर जमीन का आकलन किया गया, जिसमें से लगभग 32,500 हेक्टेयर में गेहूं की फसल थी। गेहूं की फसल में करीब 31,290 हेक्टेयर में 0 से 25 % तक नुकसान हुआ, जबकि 1,210 हेक्टेयर में 26 से 50 % तक नुकसान दर्ज किया गया।


सरसों की फसल (mustard crop) की बात करें तो कुल 9,800 हेक्टेयर क्षेत्र का आकलन किया गया। इसमें से 9,330 हेक्टेयर में 0 से 25 %तक नुकसान हुआ और 470 हेक्टेयर में 26 से 50 % तक नुकसान हुआ। हालांकि हांसी, नारनौंद और बास के इलाकों में ओले गिरने की वजह से कोई खास नुकसान नहीं हुआ।

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