8th Pay Commission : कर्मचारियों के बीच नए पे कमीशन के तहत सैलरी हाइक को लेकर खूब चर्चांए हेा रही है। अब इसी बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक नया अपडेट आया है। जनकारी के अनुसार कर्मियों की सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर 65000 रुपये के पास पहुंच सकती है। खबर में जानिए नए पे कमीशन से जुड़े अपडेट के बारे में विस्तार से-
अभी कहां चल रही मीटिंग
दरअसल, आपको बता दें कि नया वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों (Employees Salary Hike)और पेंशनर्स की सैलरी व पेंशन, भत्ते और अन्य सेवा शर्तों के लिए सिफारिशें तैयार करने में जूटा है। अभी दिल्ली और देहरादून के बाद अब पुणे में आयोग की मीटिंग चल रही है। 8वें वेतन आयोग ने 4 मई को कर्मचारी-पेंशनर्स से जुड़े कई संगठनों से इस बारे में बात की है और आज 5 मई को भी इस बारे में विस्तार से चर्चा हुई। पुणे में हुई इस मीटिंग से कुछ अहम खबरें भी सामने आई है।
पुणे में हो रही इस बैठक में महाराष्ट्र राज्य जुनी पेंशन संगठन के सदस्यों ने आयोग की 8वें वेतन आयोग (8th cpc updates) की चेयरपर्सन, सदस्य और अन्य सदस्यों के समक्ष न्यूनतम मूल वेतन, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर (fitment factor), HRA, TA, ग्रेच्युटी के साथ ही कई मुद्दो पर विस्तार में चर्चा की गई है।
कर्मचारी संगठनों की मांगे
अभी कर्मियों का न्यूनतम वेतनमान (minimum pay scale of workers) 18,000 रुपये हैं, जिससे कर्मचारी बढ़ाकर 65,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नए पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.8 किया जाना चाहिए। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor In 7th cpc) 2.57 था। साथ ही संगठन ने फैमिली यूनिट को लेकर मांग की है। वर्तमान फैमिली यूनिट की अवधारणा में माता-पिता को जोड़कर 5 सदस्यों की फैमिली यूनिट मानी जाए।
ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग
संगठन की ओर से सुझाव दिए गए हैं कि 8वें वेतन आयोग में शुरुआत से ही बढ़ी हुई दरों पर HRA मिलना चाहिए और इसे DA से मर्ज नहीं करना चाहिए। आयोग ने इस पर हामी जताई है कि 8वें वेतन आयोग में ऐसा नहीं होगा। 8वें वेतन आयोग से 85 लाख NPS कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग (Demand for Old Pension Scheme) की है। हालांकि, अभी आयोग की ओर से इसे सरकार का नीतिगत फैसला बताया है। इसके साथ ही सर्विस के दौरान मृत्यु पर जो फैमिली पेंशन की दर मिलती है, उसको आखिरी तक 50 प्रतिशत रखने की मांग की गई है।