RBI Update : आरबीआई के नियमों में बड़ा बदलाव, ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा

RBI Update – प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कर्जदारों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने नियमों में अहम बदलाव (RBI New Guideline) किया है। अब बाढ़, भूकंप, तूफान या किसी अन्य आपदा की स्थिति में बैंक अपने ग्राहकों को बिना किसी आवेदन के ही कर्ज की किस्तों में राहत दे सकेंगे। यह नया प्रावधान 1 जुलाई से लागू होगा, जिससे देशभर के लाखों कर्जदारों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

अब तक कर्ज में राहत पाने के लिए ग्राहकों को खुद बैंक में आवेदन देना पड़ता था, जिसके बाद बैंक (bank news) उनकी स्थिति की जांच कर निर्णय लेता था। लेकिन नई व्यवस्था में इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया गया है। अब किसी क्षेत्र के आपदा प्रभावित होने पर बैंक स्वयं ऐसे ग्राहकों की पहचान करेंगे और उन्हें कर्ज की किस्तों में राहत प्रदान करेंगे। इससे कर्जदारों को लंबी कागजी प्रक्रिया और औपचारिकताओं से छुटकारा मिल जाएगा।

गौर करने वाली बात यह है कि प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते मामलों के बीच इन नियमों में बदलाव की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक (central Bank) ने इस साल जनवरी में मसौदा जारी कर सुझाव आमंत्रित किए थे। अब सभी पहलुओं पर विचार के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया गया है। पहले यह व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन बैंकों की तैयारियों को देखते हुए इसकी तारीख बढ़ाकर 1 जुलाई (RBI New Rule) कर दी गई है।

45 दिनों के भीतर राहत प्रक्रिया शुरू करना होगा अनिवार्य

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि किसी प्राकृतिक आपदा की पहचान एसडीआरएफ (SDRF) या एनडीआरएफ के तय मानकों के आधार पर की जाएगी। जैसे ही किसी क्षेत्र को आपदा प्रभावित घोषित किया जाएगा, बैंकों को 45 दिनों के भीतर कर्ज राहत की प्रक्रिया शुरू करना अनिवार्य होगा।

यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि आपदा के दौरान लोगों की आय पर अचानक असर पड़ता है, जिससे कर्ज चुकाना कठिन हो जाता है। नए नियमों में यह प्रावधान भी रखा गया है कि यदि कोई ग्राहक इस राहत का लाभ नहीं लेना चाहता, तो वह 135 दिनों के भीतर बैंक को आवेदन देकर इससे बाहर रहने का विकल्प चुन सकता है।

राहत पाने के लिए अकाउंट का एक्टिव होना जरूरी

आरबीआई ने साफ तौर पर कहा है कि राहत का लाभ सिर्फ उन्हीं कर्जदारों को मिलेगा जिनका खाता एक्टिव है। बैंकिंग भाषा में ऐसे खातों को ‘मानक खाता’ कहा जाता है। इसके अलावा, कर्ज की किस्त चुकाने में 30 दिनों से अधिक की देरी नहीं होनी चाहिए। जिन खातों में लंबे समय से भुगतान नहीं हुआ है, वे इस सुविधा के दायरे में नहीं आएंगे। वहीं, राहत के रूप में बैंक कर्ज से जुड़ी किस्तों के भुगतान के लिए कर्जदारों को अतिरिक्त समय दे सकेंगे।

पुराने लोन पर नए नियम लागू नहीं होंगे
आरबीआई के मुताबिक ये नए नियम सिर्फ आगे दिए जाने वाले कर्जों पर ही लागू होंगे। पुराने कर्जों के मामलों में पहले से मौजूद नियमों को ही मान्य रखा जाएगा। इससे बैंकों को नई व्यवस्था लागू करने में सहूलियत मिलेगी और पुराने मामलों को लेकर किसी तरह की उलझन नहीं होगी।

कर्जदारों को मिल सकती है बड़ी राहत

नए नियमों के तहत बैंकों को कर्जदारों (debtors to banks) को अलग-अलग तरह की राहत देने का अधिकार मिलेगा। इसमें किस्त चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देना, कुछ अवधि के लिए किस्त स्थगित करना या कर्ज का पुनर्गठन करना जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। इससे आपदा से प्रभावित लोगों को तुरंत आर्थिक सहारा मिलने की संभावना है, जिससे वे अपने जरूरी खर्चों को बेहतर ढंग से संभाल सकेंगे।

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