Toll Tax Rates : अगर आप भी यमुना एक्सप्रेस वे पर ट्रैवल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी हो सकती है। हाल ही में यमुना एक्सप्रेसवे का प्रबंधन देखने वाली कंपनी सुरक्षा समूह ने प्रशासन से टोल रेट बढ़ाने की मांग की है। चलिए जानते हैं खबर में विस्तार से।
हर 2 साल में रेट में बदलाव करना होता है
कंपनी ने कहा है कि जेपी इंफ्राटेक के साथ जो अनुबंध हुआ था उसके अनुसार हर 2 साल में टोल रेट संशोधित किए जाने हैं। 2 साल पहले टोल रेट बढ़ाए गए थे। ऐसे में हो सकता है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा से आगरा जाना अब और महंगा हो जाए।
2 साल पहले बढ़ा था टोल टैक्स
वर्तमान में यमुना एक्सप्रेसवे का प्रबंधन देख रही कंपनी सुरक्षा समूह ने प्रशासन से टोल रेट बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। ऐसे में अगर बात करें पहले हुई बढ़ोतरी की तो 2 साल पहले टोल टैक्स बढ़ाया गया था। वहीं, अब कंपनी के शीर्ष प्रबंधन का कहना है कि 2024 के आखिर में यमुना प्राधिकरण से टोल टैक्स बढ़ाने की अनुमति मिली थी। वहीं,अब अनुबंध के अनुसार होलसेल प्राइस इंडेक्स डब्ल्यूपीआई को बेस मानते हुए एक बार फिर टोल टैक्स बढ़ाया जाना हैं। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह बढ़ोतरी नियमित रूप से नहीं हो रही है और इसकी वजह से आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। ऐसे में एक्सप्रेसवे के रखरखाव पर भी असर पड़ रहा है। कंपनी के द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार डब्ल्यूपीआई को आधार बनाकर टोल रेट में बढ़ोतरी की जाने की परमिशन मांगी गई है। वहीं, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ने इस प्रस्ताव पर यमुना प्राधिकरण से भी वर्तमान रिपोर्ट की डिमांड की है।
जाने कितनी बढ़ सकती है दरें
अगर हम बात करें तो आखरी बार 2024 में टोल रेट में 12% की बढ़ोतरी की गई थी। ऐसे में कार, बस, ट्रक और बड़े कमर्शियल वाहनों पर इसका साफ-साफ प्रभाव दिखाई दिया था। वहीं, उस दौरान सिर्फ दो पहिया और ट्रैक्टरों के टॉल टैक्स को स्थिर रखा गया था। 2024 में किए गए बदलाव के बाद एक निजी कार से ग्रेटर नोएडा से आगरा जाने के लिए तीन प्लाजा, जेवर, मथुरा और आगरा को संयुक्त रूप से जोड़ दिया गया था और करीब 485 रुपए देने पड़ रहे हैं।
वहीं , अगर बात करें बाइक और ट्रैक्टर के टोल की तो यह लगभग 250 रुपए था। इसी के साथ बस व ट्रक के लिए टोल टैक्स 1545 रुपए है। ऐसे में अगर डीपीआई को बेस बनाया जाता है तो मिनिमम 4% की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, अगर दोनों साल के लिए इसे जोड़ दिया जाता है तो यह बढ़कर 7 से 8% होने की संभावना है। ऐसे में अगर 4% की बढ़ोतरी होती है तो एक निजी कर चालक को 20 रुपए ज्यादा टाल देना पड़ेगा।
जाने मामले में क्या कहना है यमुना प्राधिकरण का
वहीं जहां रखरखाव करने वाली कंपनी ने रेट को बढ़ाने की मांग की है, दूसरी ओर इस मामले में यमुना प्राधिकरण दरों को बढ़ाने के पक्ष में नजर नहीं आ रहा है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा है कि अगर दरें बढ़ाई जाती हैं तो आम लोगों को परेशानी होगी। कंपनी बेशक अनुबंध के हिसाब से दर बढ़ाने की बात कह रही हो, लेकिन यमुना एक्सप्रेसवे पर अतिरिक्त वाहनों का ट्रैफिक भी मिल रहा है, जो अनुबंध के समय संभावित ही नहीं था।
टोल नहीं बढ़ने से आम जनता को लाभ मिलेगा
वहीं, वर्तमान में बरेली आगरा हाईवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, ग्वालियर एक्सप्रेसवे के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी होने के चलते यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बढ़ा है। ऐसे में अगर टोल नहीं बढ़ाया जाता है तो आम जनता को काफी लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रशासन के पास भी रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं, इस मामले में कंपनी के अधिकारियों से भी बातचीत होनी है।