8th Pay Commission – देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स बेसब्री से 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। आठवां वेतन आयोग लागू होते ही कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होगा। लेकिन कर्मचारी अब यह जानना चाहते हैं कि आखिरकार उनकी सैलरी में कितनी बढ़ौतरी होगी। हाल ही में इसको लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें बताया गया है कि नई सैलरी को किस फॉर्मूले से तय किया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करने के लिए सरकार हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू करती है। आखिरी बार साल 2014 में 7वें वेतन आयोग का गठन किया गया और इसकी सिफारिशें 2016 में लागू हुई। अब 31 दिसंबर 2025 को सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है। लेकिन अभी तक नया वेतन आयोग लागू नहीं किया गया है। जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग का गठन का ऐलान कर दिया गया था और सरकार ने टर्म का रिफरेंस नवंबर 2025 में जारी किया।
इस बीच कर्मचारियों में सैलरी में बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी यह जानना चाहते हैं की 8वें वेतन आयोग में सैलरी संशोधन किस फार्मूले के तहत होगा और फिटमेंट फैक्टर कितना रखा जाएगा।
जानिये कब लागू होगा नया वेतन आयोग –
8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान 17 जनवरी 2025 को किया गया था। इसके गठन को एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है। इस समय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी और अन्य भत्तों का लाभ मिल रहा है। 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू होने में चाहे कितना भी समय क्यों न लग जाए।
इसे 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। अगर पुराने वेतन आयोग के इतिहास पर नजर डालें तो नया वेतन आयोग लागू होने में काफी समय लगता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन से लेकर लागू होने तक ढाई साल का समय लगा था और छठे वेतन आयोग में 2 साल का समय लगा, 5वां वेतन आयोग लागू होने में साढे तीन साल का समय लगा था। इसलिए 8वें वेतन आयोग को लागू होने की उम्मीद साल 2027 में है।
इतना रखा जाएगा फिटमेंट फैक्टर –
जब नया वेतन आयोग लागू होता है तो फिटमेंट फैक्टर को भी अपडेट किया जाता है। कर्मचारियों की नई सैलरी निर्धारित करने के लिए फिटमेंट फैक्टर हम होता है। इसी के आधार पर कर्मचारियों की सैलरी तय की जाती है। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा। कर्मचारियों की सैलरी में उतना ही ज्यादा इजाफा होगा। फिटमेंट फैक्टर ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड में योगदान और बेसिक पे पर असर डालता है।
अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस बार फिटमेंट फैक्टर (fitment factor update) 2.7 से 2.85 के बीच रखा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो सैलरी में 24 से 30% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यानी अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा समय में बेसिक सैलरी 20,000 से 22,000 रुपये है तो नया वेतन आयोग लागू होने के बाद यह बढ़कर 46,000 से 57,000 प्रति महीना हो सकती है।
कितना मिलेगा एरियर
नए वेतन आयोग (new pay commission) के तहत मिलने वाले एरिया की गणना पिछले आयोग के कार्यकाल की समाप्ति से की जाती है। इसका मतलब यह है की 8वें वेतन आयोग को लागू होने में जितना ज्यादा समय लगेगा। उसकी भरपाई के लिए कर्मचारियों को एरिया का भुगतान किया जाएगा। 5वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 21 महीने के एरिया के तौर पर करीब 11,200 मिले थे।
6वें वेतन आयोग (6th Pay Commission) में न्यूनतम बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को 32 महीना के एरिया के तौर पर करीब 71,000 मिले। वहीं 7वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को 6 महीने के एरिया के तौर पर 13,500 रुपये मिले थे। अनुमान है की 8वें वेतन आयोग में भी कर्मचारियों को इस बार अच्छा सा एरियर मिलेगा। सरकार एरिया का भुगतान एकमुश्त करेगी।