Haryana को यूपी से कनेक्ट करेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, इन 22 जिलों की बदलेगी सूरत

Haryana Development Project : देश में सड़कों के निर्माण के लिए और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार कोशिशो में जूटी हुई है। अब हाल ही में एक ओर नए एक्सप्रेसवे को लेकर सरकार से मंजूरी मिल गई है। ये नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और हरियाणा की कनेक्टिविटी बढ़ाएगा और इससे प्रदेश के 22 जिले के लोगों को सीधा लाभ होगा।


देशभर में सरकार सड़क व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। यूपी और हरियाणा को कनेक्ट करने वाले नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और जमीन की कीमतें बढ़ेंगी।


कहां तक बनाया जाएगा ये एक्सप्रेसवे


NHAI के मुताबिक शुरुआत में तो यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली तक बनाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे पानीपत तक बढ़ाया गया और अब इस एक्सप्रेसवे को कुशीनगर में 3-4 किमी का अतिरिक्त सेक्शन जोड़कर इसे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा।


बता दें कि हरियाणा के कुशीनगर के हाटा इलाके में यह सड़क 21 गांवों से होकर गुजरने वाली है। वहीं, गोरखपुर में 46 गांव प्रभावित होंगे। अभी इस एक्सप्रेसवे के लिए अलाइनमेंट का कार्य चल रहा है।

व्यापार, पर्यटन और ट्रांसपोर्टेशन में होगी आसानी


बता दें कि यह नया 4-लेन एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से सीधे तोर पर कनेक्ट करेगा और इससे व्यापार, पर्यटन और ट्रांसपोर्टेशन में आसानी होगी। सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होने पर पानीपत से सिलीगुड़ी तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। गोरखपुर डिवीजन में एक्सप्रेसवे का कुल 86 किमी हिस्सा निर्मित होगा, जिसमें सिद्धार्थनगर , संत कबीर नगर , गोरखपुर, और कुशीनगर शामिल हैं।

किन जिलों को होगा फायदा
ये एक्सप्रेसवे जिन जिलों से होकर गुजरने वाला है। उन जिलों में कुशीनगर, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और हरियाणा का पानीपत शामिल हैं। साथ ही हरियाणा के करनाल और सोनीपत जिलो के लोगों को लाभ होगा।

133 गांवों का होगा जमीन अधिग्रहण
NHAI की ओर से गोरखपुर-बस्ती डिवीजन के 133 गांवों में जमीन अधिग्रहण का प्रोसेस शुरू किया गया है।। प्रोजेक्ट डायरेक्टर का कहना है कि यह एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण को ध्यान रखते हुए पेड़ों की कटाई कम होगी। इसका निर्माण कार्य 2026 में शुरू हो सकता है।


यूपी और हरियाणा के 22 जिलों को कनेक्ट करने वाले इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 750 किमी के आस-पास होगी।अब जल्द ही इस एक्सप्रेसवे का अलाइंमेंट का काम पूरा होगा और जल्द ही इसका डिजाइन भी तैयार किया जाएगा। यह सड़क पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी और हरियाणा से कनेक्ट करेगी। गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे अब कुशीनगर तक बढ़ाया जाएगा।


बता दें कि कुशीनगर-पानीपत एक्सप्रेसवे की लंबाई 750 किमी होगी। यह एक्सप्रेसवे संत कबीर नगर में 22.50 किमी लंबा होगा और गोरखपुर में 34 किमी और कुशीनगर में तीन किमी लंबा होगा।

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