Haryana News : सरकार द्वारा देश के इंफ्रा को बढ़ावा देने के लिए अनेकों योजनाएं लाई जा रही है। विकास को नई रफ्तार देने की गति में एक और नए प्रोजेक्ट को लेकर घोषणा की गई है। प्रोजेक्ट में राज्य के अंदर 5 नए शहर बनाने की घोषण की गई हे। जिससे यह क्षेत्र विकास क्षेत्र के रूप में उभरेगा। आइए खबर में जानते है योजना क्या है और कहां नए शहर बनेगे।
सिंगापुर मॉडल की तर्ज पर विकसित होंगे नए शहर
सरकार द्वारा KMP एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। अगर यहां नए शहर बनते हैं तो एनसीआर के विकास क्षेत्र में से उभर कर सामने आएगा। मिली जानकारी के अनुसार इन शहरों को सिंगापुर तर्ज पर बनायस जाएगा। यानी इन शहरों को एक व्यवस्थित तरीके से स्थापित किया जाएगा। यह विकास परियोजना कुंडली-मानेसर-पलवल के 135 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैली होगी।
उद्योगों और रियल एस्टेट को बढावा
हरियाणा में कुंडली-मानेसर-पलवल आसपास के क्षेत्रों में विकास तेजी से बढ़ रहा है। सोनीपत की ओर कुंडली क्षेत्र में रियल एस्टेट और औद्योगिक गतिविधियों की शुरुआती हलचल दिखने लगी है। जबकि मानेसर पहले से स्थापित औद्योगिक हब के रूप में आगे विस्तार की ओर बढ़ रहा है। वहीं पलवल क्षेत्र अभी विकास के चरण में है, लेकिन यहां भविष्य में बड़े निवेश और प्रोजेक्ट्स की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।
इन क्षेत्रों की सबसे बड़ी खासियत इनकी कनेक्टिविटी है। ये इलाके पहले से ही दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा से सड़क नेटवर्क के जरिए अच्छी तरह जुड़े हुए हैं, जिससे निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
पंचग्राम विकास प्राधिकरण का किया गठन
इस प्रोजेक्ट प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने इसका गठन किया है। यह शहरों की प्लानिंग, भविष्य की जनसंख्या का आकलन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से तैयार करने जैसे कामों पर ध्यान देगा। जिससे मॉडल की तरह काम हो सके।
10 औद्योगिक मॉडल टाउनशिप को मिली मंजूरी
प्रस्तावित 10 औद्योगिक टाउनशिप यानी आईएमटी में से 3 इंडस्ट्रियल टाउनशिप एनसीआर क्षेत्र में विकसित की जाएंगी। इनमें
5 आईएमटी को मंजूरी मिल गई है और कार्य शुरू हो गया है। इसके अलावा एनसीआर में तीन अंतरराष्ट्रीय मेडिकल हब की योजना भी प्रोजेक्ट में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां उद्योग आते हैं, वहां रोजगार बढ़ता है और उसके साथ ही आवास की मांग भी तेजी से बढ़ती है। गुरुग्राम इसका बड़ा उदाहरण है, जहां पहले इंफ्रास्ट्रक्चर बना, फिर कंपनियां आईं और बाद में रियल एस्टेट बूम देखने को मिला।
दिल्ली के तीनों और कनेक्टीविटी
इस योजना का मकसद दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा पर बढ़ते दबाव को कम करना है। इसके जरिए नए शहरी केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे भीड़भाड़ में कमी आएगी और रोजगार के अवसर बढ़ेगें। यह दिल्ली से तीन और कनेक्टीविटी पड़ रही है पहला IGI एयरपोर्ट के करीब,जेवर एयरपोर्ट का बढ़ता प्रभाव केएमपी एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क इसी वजह से देश-विदेश के निवेशक इस बेल्ट को भविष्य के बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं। यहां कीमतें फिलहाल अभी कम है। इसके विकास में समय लगेगा क्योंकि प्रोजेक्ट बड़ा है जिसमें इसे पूरा होने में समय लगेगा।