Haryana News : प्रदेशवासियों को राहत, नहीं काटने होंगे पटवारियों के पास चक्कर, ऑटो मोड में होंगे प्रोपर्टी इंतकाल

Haryana News : प्रोपर्टी खरीदना कोई आसान काम नहीं है। कई लोग प्रोपर्टी खरीदने के लिए लोन लेते हैं और प्रोपर्टी की रजिस्ट्री कराने के बाद भी प्रोपर्टी इंतकाल (Property Intake) के लिए पटवारियों के पास चक्कर लगाते रह जाते हैं। अब प्रदेशवासियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। अब प्रोपर्टी की रजिस्ट्री होते ही ऑटो मोड में प्रोपर्टी इंतकाल हो जाएगा। इस सुविधा से लोगों को पटवारियों के पास चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

कब से ऑटोमोड में शुरु होगा प्रॉपर्टी इंतकाल
जानकारी के मुताबिक अब मकान, प्लॉट जमीन व दुकान खरीदने के बाद इंतकाल के लिए अब पटवारियों के पास नहीं जाना पड़ेगा। अब यह काम ऑनलाइन ऑटोमोड में शुरू हो रहा है। राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री व इंतकाल व्यवस्था में सुधान करते हुए बड़ा फैसला लिया है। 27 अप्रैल से देशभर में ऑटोमोड में जैसे ही प्रोपर्टी की रजिस्ट्री (Registry of Property in Automod) होगी, उसके बाद प्रॉपर्टी का इंतकाल भी हो जाएगा।


बता दें कि कोई भी व्यक्ति तय की हुई फीस जमा करवाकर कभी भी इंतकाल (Property Inteqal kya hai) ले सकता है। कोई भी इंतकाल अप्रैल महीने के आखिर तक बकाया नहीं रूकेगा। इससे एक प्रॉपर्टी को एक से अधिक व्यक्तियों को सेल करने के फ्रॉड पर रोक लगेगी। हालांकि अभी जिले में 2600 इंतकाल पेंडिंग है, वहीं, प्रदेश भर में तो हजारों की संख्या में पेंडिंग इंतकाल है।

पटवार भवन में लगाने पड़ते थे चक्कर
जैसे की अभी तो लोगों को प्रोपर्टी की रजिस्ट्री (Registry of Property) कराने के बाद इंतकाल के लिए पटवार भवन में विजिट करना पड़ता है। जैसे ही जमीन की रजिस्टरी करवाते हैं, उसके बाद इंतकाल करवाना होता है। प्रोपर्टी इंतकाल के लिए लोगों को पटवारियों के पास बार-बार जाना पड़ता था और चक्कर के साथ-साथ उनका काफी खर्च आता था। कई बार तो उनकी खर्चा राशि हजारों रूपये में पहुंचती थी।

कैसे करा सकेंगे लोग प्रोपर्टी का इंतकाल
जान लें कि प्रशासन के अधिकारियों के पास ऐसी शिकायतों के ढेर लगे हुए होते थे। वहीं इंतकाल के लिए लोगों को मुंह मांगी राशि न देने पर सालों लग जाते थे, लेकिन अब यह परेशानी खत्म हो गई है। अब लोग आसानी से लोग आन रजिस्टरी करवाकर निर्धारित फीस जमा करवाकर इंतकाल के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उसके बाद आप तहसील कार्यालय से इंतकाल की कापी ले सकेंगे। इस कार्य से लोगों का समय बचने के साथ ही खर्च भी कम आएगा।
कई लोग ऐसे भी थे, रजिस्ट्री (Property registration Haryana) के बाद इंतकाल नहीं करवा पाते थें। ऐसे में कुछ लोग रजिस्ट्री कराने के बाद भी जमीन को दूसरे को सेल कर देते थे, लेकिन अब रजिस्ट्री के बाद इंतकाल (Land mutation auto mode) से ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी।

क्या होता है प्रोपर्टी इंतकाल
सबसे पहले तो आप यह जान लें कि आखिर प्रोपर्टी (Haryana property mutation) इंतकाल क्या होता है तो बता दें कि जैसे ही जमीन की रजिस्ट्री होती है, उसके बाद रिकार्ड में खरीदार का नाम दर्ज करना ही इंतकाल कहा जाता है। इंतकाल के बाद उससे जुड़ी जमीन को पहले वाला मालिक दूसरी जगह प्रोपर्टी की बिक्री नहीं कर सकता। जब रजिस्ट्री होती है तो तहसील जमीन किसके नाम है, यह देखा जाता है।


बता दें कि जब तक प्रोपर्टी (Patwari system reforms) का इंतकाल नहीं होगा, तब तक प्रोपर्टी बेचने वाले के ही नाम रहती है। इंतकाल पटवारी कंप्यूटर में रिकॉर्ड कराता है और पुराने और नए रिकार्ड का मिलान कानूनी तौर पर होता है, उसके बाद तहसीलदार की ओर से इसे फाइनल किया जाता है।

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