E25 Petrol : महंगाई के साथ ही देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है। अब सरकार ने एक नया प्लान तैयार किया है। अब सरकार देशभर में 25 प्रतिशत एथनोल वाला पेट्रोल लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्द ही कई शहरों में पायलेट प्रोजेक्ट (pilot project) शुरू किया जाना है। उसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। खबर में जानिए सरकार के इस प्लान के बारे में विस्तार से-
पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगी E25 की शुरुआत
सबसे पहले तो आप यह जान लें कि E25 सभी गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता, जिस पर गौर करते हुए कुछ ही दिनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत E25 की शुरुआत देशभर के कुछ पेट्रोल पंपों से होगी। जिसमें दिल्ली(e25 petrol in delhi ncr) और एनसीआर के सभी शहर गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद के साथ ही मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु के साथ ही कई बड़े शहर शामिल है। जहां के पेट्रोल पंप से E25 डालने की शुरुआत होगी।
चुनिंदा पेट्रोल पंपों से बेचा जाएगा E-25
बता दें कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति (Ethanol Blending Policy) के तहत अभी एथेनॉल को बढ़ावा देने पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत E-20 आते ही अब सरकार की ओर से E-25 लाने पर कार्य हो रहा है। सूत्रों के अनुसार शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर के साथ ही कई मेट्रो सिटी के कुछ चुने ही पेट्रोल पंपों से E-25 को बेचने की शुरुआत होगी। इस हिसाब से पहले तो पेट्रोल पंपों के एक-एक पेट्रोल टैंकों को E25 पेट्रोल में ट्रांस्फर्म किया जाएगा, ताकि लोगों को को ई-20 पेट्रोल की कमी न हो। हालांकि यह सभी पेट्रोल टैंकों पर कन्वर्ट नहीं किया जाएगा।
तेल कंपनियों की रजामंदी है जरूरी
अभी तो यही संभावना लग रही है कि सरकार शुरुआत में ई-25 को बढ़ावा देने के लिए सस्ता बेच सकती है। हालांकि इसमें तेल कंपनियों का कन्सेंट (Consent of oil companies) भी बेहद जरूरी है। अभी इसके लिए IOC और बीपीसी के साथ ही कई तेल कंपनियों से वार्तालाप चल रही है, जिसके तहत राजधानी में पूसा इंस्टीट्यूट की ओर और राजधानी के एक-दो अन्य पेट्रोल पंपों से E-25 को बेचने (Selling E-25 from petrol pumps) की शुरुआत होगी।
E-25 फ्यूल से लोगों को फायदे
बताया जा रहा है कि कुछ दिनों बाद लोगों को चुनिंदा पेट्रोल पंपों से ई-25 पेट्रोल मिलने लगेगा। अभी तो सरकार साल 2030 तक ई-30 पेट्रोल (E-30 petrol by 2030) बेचने पर भी कार्य कर रही है। इतना ही नहीं सरकार भविष्य में ई-85 और ई-100 फ्यूल बेचने पर भी कार्य में जुटी हुई है। E-25 फ्यूल से लोगों की बचत होने के साथ ही प्रदूषण में कमी आएगी। इससे पर्यावरण को लाभ होगा। इसके साथ ही सरकार की कच्चे तेल को इंपोर्ट करने पर निर्भरता घटेगी।
सरकार कर रही चैलेंज को समझने की कोशिश
सरकार ई-25 पेट्रोल को बड़े स्तर पर लागू (E-25 petrol implemented) करने से पहले इसके चैलेंज को समझने की कोशिश कर रही है। ताकि कुछ पेट्रोल पंपों से ई-25 पेट्रोल शुरुआत (E-25 petrol starts from petrol pumps) कर इसकी बारीकियों को समझा जा सके। अभी सरकार ई-25 बेचने से पहले तेल कंपनियां इस फ्यूल ट्रांजिशन को लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ ही सभी स्टेकहोल्डर से भी बातचीत कर रही हैं। इसका लक्ष्य यह पता लगाना है कि सड़कों पर दौड़ रही गाड़ियों में से किस मॉडल में ई-25 पेट्रोल भरा जा सकता है और किन मॉडल में ई-25 पेट्रोल नहीं भरा जा सकता ।