Haryana News : हरियाणा में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में अब हरियाणा में शहरी परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासन की ओर से बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मई महीने में राज्य के 10 शहरों में सिटी बसों की संख्या में बढ़ावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस महीने के अंत तक प्रदेश में नई 90 इलेक्ट्रिक बस सड़कों पर उतारी जाएंगी।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो फिलहाल प्रदेश में 65 सिटी बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में नई बस आने से जून महीने के पहले सप्ताह तक सिटी बसों की संख्या 155 हो जाएगी। बसों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी से यात्रियों को काफी सुविधा होगी। साथ ही इससे पर्यावरण अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पहले होगी जांच फिर बसें होंगी शामिल
प्रदेश में 90 नई बसों के संचालन की तैयारी चल रही है। ऐसे में इन बसों के संचालन से पहले एक विभागीय कमेटी इन बसों का विस्तृत निरीक्षण करेगी। कमेटी की ओर से इन बसों की तकनीकी गुणवत्ता, सुरक्षा मानक और अन्य आवश्यक पहलुओं की जांच की जाएगी। यह जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित जिलों में बस निर्माण कंपनियों की ओर से अतिरिक्त बसें भेजी जाएंगी।
जाने कहां-कहां चल रही हैं सिटी बसें
वर्तमान में हरियाणा सरकार की ओर से 10 शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बसों की शुरुआत की जा चुकी है। फिलहाल जिन शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बसें चल रहीं हैं उनमें पंचकूला, रोहतक, हिसार, रेवाड़ी, सोनीपत, करनाल, अंबाला, यमुनानगर और पानीपत शामिल है। वहीं, बीते वर्ष इस योजना में कुरुक्षेत्र को भी शामिल किया गया था।
शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस योजना के तहत 375 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का टारगेट विभाग की ओर से रखा गया है। ऐसे में इस योजना के पीछे उद्देश्य है कि शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर किया जा सके और परिवहन प्रणाली को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।
जाने बसों की संख्या बढ़ने से कैसे मिलेगा फायदा
नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने से यात्रियों को बेहतर और सस्ती सुविधा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में लोगों के समय की बचत भी होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होने की उम्मीद की जा रही है।
इसके अलावा शहरों में सिटी बसों की संख्या बढ़ने से ज्यादा लोग बस का प्रयोग करेंगे जिससे ट्रैफिक जाम में भी कमी आने की उम्मीद लगाई जा रही है।
सभी बस इलेक्ट्रिक हैं ऐसे में प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा नई बसों के संचालन के लिए ड्राइवर, कंडक्टर, तकनीकी स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिससे रोजगार भी पैदा होगा। इन इलेक्ट्रिक बसों में जीपीएस, सीसीटीवी, बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम जैसी काफी सुविधा दी जा रही हैं, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित हो सकेगी।