Property News : सरकार की ओर से देश के कई हिस्सों में डेवलपमेंट की मांग में तेजी लाते हुए कई नए एक्सप्रसेवे का निर्माण किया गया है। अब इसी बीच एक एक्सप्रेसवे के पास प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने के उम्मीद है। अगर इस एक्सप्रेसवे के पास के इलाकों में प्रोपर्टी की मांग बढ़ती है तो आसापस के कई शहरों में प्रॉपर्टी के रेट 25 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।
बीते कुछ सालों में प्रोपर्टी की कीमतों में खूब तेजी आई है। कई ऐसे एक्सप्रेसवे हैं, जहां पर सरकार डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अब इसी बीच एक एक्सप्रेसवे के निर्माण से रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उम्मीद है कि इस एक्सप्रेसवे के पास जल्द ही प्रॉपर्टी के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
कौन सा है ये एक्सप्रेसवे
हम बात कर रहे हैं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की, जो अब तक पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और ओपन भी किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल को इस एक्सप्रेसवे की ओपनिंग की गई थी। वहीं अब दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण से रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के आसपास के हिस्सों में प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में आसापस के कई शहरों में प्रॉपर्टी के दामों में 25 प्रतिशत तक उछाल आ सकता है।
किन शहरों में बढ़ेंगे प्रोपर्टी के रेट
जानकारों का कहना है कि आगामी 18 से 24 महीनों में कई इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतें 15 से 25 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। इस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा फायदा इसके रास्ते में आने वाले शहरों और इलाकों को मिलेगा। इन शहरों में गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, देहरादून जैसे कई शहर का नाम शामिल हैं। इसके साथ ही इस एक्सप्रेसवे से लोनी, मंडोली, नरेला, बवाना जैसे दिल्ली के आसपास के हिस्सों में प्रॉपर्टी के दाम में इजाफा हो सकता है।
इसके साथ ही बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा प्रभाव टूरिस्ट शहरों जैसे कि- हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून जैसे शहरों पर पड़ेगा। यहां सेकंड होम, विला और प्लॉटेड डेवलपमेंट की मांग में तेजी से बढ़ सकती है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनाने की लागत
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग 213 किमी लंबा है और इस एक्सप्रेसवे को बनाने की लागत तकरीबन 12,000 करोड़ है। पहले दिल्ली से देहरादून जाने में तकरीबन 6 घंटे से अधिक वक्त लगता था, लेकिन अब यह समय कम होकर सिर्फ 2.5 घंटे हो गया है। वैसे तो इस एक्सप्रेसवे पर कुल 5 टोल प्लाजा होंगे और 7 इंटरचेंज निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही 2 रेल ओवरब्रिज और 10 बड़े पुल भी शामिल हैं।