8th Pay Commission : आठवें वेतन आयोग की कुछ बैठकें हो चुकीं और अब दूसरे शहरों में होने वाली है। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि आपके नजदीकी शहर में कब होगी मीटिंग। चलिए खबर में विस्तार से जानते हैं।
मई और जून माह रहेगा महत्वपूर्ण
आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी, पेंशन, भत्ते, छुट्टियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य मु्द्दों पर संगठन अपनी मांगे केंद्र सरकार के सामने रखेगें। इसी कड़ी में देशभर के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मई और जून का महीना महत्वपूर्ण बनने जा रहा है। क्योंकि इन महीनों में कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आ सकती है।
इन दो महीनों में ये तारीखे रहेगी जरूरी
मई और जून माह की 9 तारीखें महत्व्पूर्ण रहने वाली है। अगर, आप कर्मचारी और पेंशनवर्ग में शामिल हो तो इन तारीखों अपनी डायरी में नोट कर सकते हैं। आइए बताते हैं वो कौन-कौन सी तारीखे हैं। पहले मई महीने की 4-5 तारीख के बाद 18-19 मई, 31 मई की तारीखे महत्वपूर्ण हैं। अगले महीने जून में 1 से 4 जून और 8 जून इन दिनों 8वें वेतन आयोग पर कोई बड़ा फैसला आ सकता है। देश के अलग-अलग इलाकों में होने वाली मीटिंग इन्हीं तारीखों को होनी है।
पहला दौर समाप्त अब दूसरा दौर शुरू
8वें वेतन आयोग में बैठक का पहला दौर दिल्ली में समाप्त हुआ। इस दौरान दिल्ली से देहरादून तक कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों की मांगो को इकट्ठा किया। इस बैठक के बारे में AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.मंजीत सिंह पटेल ने जानकारी दी।
अगला चरण शुरू
दिल्ली में तीन दिन तक चली बैठकों के बाद अब 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। आयोग अब देश के अलग-अलग शहरों में जाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों से उनके सुझाव मांगेगा।
हैदराबाद,श्रीनगर में होगी अगली बैठक
आयोग की अगली बैठक पुणे, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख तय की गई है। जहां वहां से संगठनों से सुझाव और राय ली जाएगी। आयोग द्वारा बैठक की शुरूआत 4 और 5 मई को पुणे से होगी, जिसके बाद 18 और 19 मई को हैदराबाद में बैठकें आयोजित की जाएंगी। जून महीने में 1 से 4 तारीख तक श्रीनगर में मीटिंग्स होंगी, जबकि 8 जून 2026 को आयोग लद्दाख का दौरा करेगा। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स संघों और प्रतिनिधिमंडलों को अपनी मांगें रखने का अवसर मिलेगा।
महत्वपूर्ण हैं ये बैठकें
बैठकों को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के भविष्य के वेतन, भत्तों और पेंशन संरचना को तय करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाती है। कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रमुखता से पेंशन सिस्टम में सुधार और सेवा शर्तों में बदलाव जैसी मांगों को उठा रहे हैं।
मेमोरेंडम की जमा करने की समय सीमा बढ़ाई
आयोग द्वारा मेमोरेंडम जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है। यह फैसला नेशनल काउंसिल के अनुरोध पर लिया गया है। क्योंकि कई संगठनों को पोर्टल से जुड़ी तकनीकी
खराबी का सामना करना पड़ रहा था। अब कर्मचारियों और पेंशनलाभार्थियों के पास वेतनमान, भत्तों और अन्य लाभों को लेकर अपने सुझाव देने के लिए समय बहुत है। आयोग का मानना है कि हर संबंधित वर्ग को अपना पक्ष रखने का मौका मिल सके।
जानिए कौन जमा कर सकता है मेमोरेंडम
मेमोरेंडम केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, जिनमें औद्योगिक और गैर-औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले वो जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा रक्षा बलों और अखिल भारतीय सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अधिकारी व भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग के कर्मचारी इसे जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों में काम करने वाले लोग। आरबीआई जमा नहीं कर सकती। पेंशन संगठन, सर्विस एसोसिएशन, यूनियन और मंत्रालयों व विभागों के प्रतिनिधि इसे जमा कर सकते हैं।