Hisar News : हिसार शहर को विकसित करने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से लगातार अवैध कब्जों पर रोकथाम लगाई जा रही है। अब फिर हिसार की पुरानी सब्जी मंडी में अवैध कब्जे पर कार्रवाई करने के आदेश जारी हो चुके हैं तथा इनसे जुड़ा डाटा कलेक्ट किया जा रहा है। आइए जानते हैं हिसार शहर में अवैध कब्जों पर कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी।
हरियाणा के हिसार शहर (Hisar city of Haryana) में अवैध कब्जे के मामले लगातार नए-नए सामने आ रहे हैं। अब इन पर रोकथाम लगाने के लिए प्रशासन की तरफ से कड़ी कार्रवाई (action by the administration) की जा रही है। हिसार शहर की पुरानी सब्जी मंडी को करीब 10 साल पहले नई जगह पर शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन पुरानी सब्जी मंडी (old vegetable market) आज भी वैसे ही चल रही है। हालांकि अब यह नियमों के खिलाफ लग रही है। कागजों में तो यह मंडी मिलगेट रोड पर बनी नई मंडी में शामिल हो चुकी है, लेकिन अब पुरानी मंडी में न सिर्फ व्यापार चल रहा है, बल्कि तेजी से बढ़ भी रहा है। खाली दुकानों में नए-नए कब्जे हो रहे हैं और व्यापारियों की आवाजाही से यह इलाका फिर से चहल-पहल वाला हो गया है।
इसी बीच शहर के लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब यह जमीन सरकारी है, तो यहां कारोबार किसकी अनुमति से हो रहा है? और दुकानों से मिलने वाला किराया आखिर किसके पास जा रहा है?
जमीन का असली मालिक
प्रशासन के मुताबिक, यह जमीन पहले एस्टेट ऑफिसर (डिफेंस बिल्डिंग) के तहत मानी जाती थी। बाद में इसे राज्य सरकार के नाम करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि असली मालिक कौन है। इतना जरूर है कि जमीन सरकारी (government land) है और उस पर जो कब्जे हो रहे हैं, वे नियमों के खिलाफ हैं।
2015 में बदली गई थी जगह
प्रदेश सरकार (Haryana Government) की तरफ से जून 2015 में मिल रोड पर स्थित नई सब्जी मंडी का निर्माण (new vegetable market in hisar) किया गया था। पुरानी सब्जी मंडी के आढ़तियों को भी वहां दुकानें बांटी गई थी लेकिन अनेकों आढ़तियों ने पुरानी जगह से अपना कब्जा नहीं छोड़ा और इसी वजह से समय के साथ-साथ यहां एक बार फिर से अवैध कब्जों का जाल बिछना शुरू हो गया है।
उपर तक पहुंची शिकायतें
इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर बड़े अधिकारियों तक की गई है।
साझा मोर्चा के अध्यक्ष अनिल महला की तरफ से बताया गया है कि लगभग 9 एकड़ जमीन रक्षा मंत्रालय की बताई जा रही है, जिस पर अवैध कब्जा हो गया है।
शिकायत करने वालों ने मांग की है कि इस जमीन को जल्दी खाली कराया जाए।
हालांकि अधिकारी अभी इस मामले में ज्यादा जानकारी होने से मना कर रहे हैं।
साझा मोर्चा के अध्यक्ष अनिल महला की तरफ से बताया गया है कि इस पूरे मामले ने अब उच्च सत्र पर भी हलचल पैदा कर दी है। नगर निगम, गुप्तचर विभाग के महानिदेशक तथा उपयुक्त तक इस मामले का संज्ञान ले चुके हैं। प्रशासन की तरफ से अब इस इलाके की चार दिवारी करवाने तथा इलाके में अवैध कब्जा (illegal occupation of the area) को हटाने पर जल्द ही कार्य करने वाला है।
1969 में हुआ था मंडी का शुभारंभ
इस पुरानी सब्जी मंडी का निर्माण (Construction of the old vegetable market) साल 1964-65 में हुआ था 1969 में तत्कालीन उपयुक्त द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। उसे समय यहां लगभग 89 दुकान और 65 छोटे व्यापारी बैठे थे। 2015 में जगह बदलने के बाद नगर निगम ने यहां से तहबाजारी वसूली बंद कर दी थी। लेकिन अब ज्यादातर खाली इलाकों पर दोबारा से कब्जा हो चुका है और हर रोज मंडी सज रही है।