New Railway Line : तीन नई रेलवे लाइन पर लगी मुहर, 6 राज्य के 19 जिलों को होगा सीधा फायदा


New Railway Line : 6 राज्यों में तीन नई रेलवे लाइनों का विस्तार किया जाएगा। नई रेलवे लाइने बनने से इन 6 राज्यों के 19 जिलों को लाभ मिलेगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने मंजूरी दे दी है। चलिए खबर में विस्तर से जानते हैं।

23,437 करोड़ रुपये की आएगी लागत

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 5 मई को इन तीन जगहो पर परियोजना को मंजूरी दी है। जानकारी के अनुसार इन परियोजनाओं पर 23,437 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

यहां-यहां बनेगी रेलवे लाइन

इन परियोजनाओं में नागदा-मथुरा, गुंतकल-वाडी और बुरहवाल-सीतापुर सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बनेगी। सरकार के द्वारा जारी जानकारी के अनुसार रेल लाइनों को बनाने से आने-जाने की व्यवस्था में सुधार होगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी

देश में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जिन रेल खंडों के लिए नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, वे देश के सबसे ज्यादा व्यस्त रेल मार्गों का हिस्सा हैं।

प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार हुई परियोजनाएं

ये सभी परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई हैं। इसका उद्देश्य बहुस्तरीय संपर्क व्यवस्था को मजबूत करना और माल परिवहन क्षमता बढ़ाना है, ताकि लोगों, सामान और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

इन राज्यों तक होगा विस्तार

इन परियोजनाओं के जरिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में भारतीय रेलवे नेटवर्क का करीब 901 किलोमीटर विस्तार किया जाएगा। इससे लगभग 4,161 गांवों और करीब 83 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

इन धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर होगी कनेक्टिविटी

इन नई रेल परियोजनाओं से धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।महाकालेश्वर मंदिर, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, कूनो राष्ट्रीय उद्यान, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, मथुरा, वृंदावन और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख जैसे प्रमुख स्थलों की कनेक्टिविटी सुविधा मजबूत होगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

माल ढुलाई संभव हो सकेगी

माल ढुलाई के लिहाज से भी ये रेल मार्ग अहम माने जा रहे हैं। इन मार्गों पर कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, इस्पात, लौह अयस्क, कंटेनर और उर्वरक जैसी वस्तुओं की ढुलाई आसान होगी। रेलवे का अनुमान है कि क्षमता बढ़ने के बाद हर साल करीब 6 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी।

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