Hisar News : नई जगह शिफ्ट होगा नागरिक अस्पताल, मिली मंजूरी

Hisar News : हिसार शहर वासियों को हर एक अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार का मानना है कि शहर में अगर स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं सही होगी तभी शहर के विकास को नई रफ्तार मिल पाएगी। अब हिसार के नागरिक अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।


हरियाणा के हिसार शहर का नागरिक अस्पताल (Civil Hospital Hisar) तकरीबन सात दशक पुराना है और इसके पास स्थित पुरातात्विक धरोहर गुजरी महल की वजह से अस्पताल भवन का विस्तार नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार न होने की वजह से मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से हिसार के नागरिक अस्पताल (Hisar News) को अब नए भवन में शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है।


वन विभाग की तरफ से अस्पताल के नए भवन के प्रोजेक्ट को मंजूरी (Approval of the new building project) दे दी गई है और अब वन विभाग की जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम की जाएगी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि तकरीबन 2 महीने में जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम हो जाएगी और फिर टेंडर के प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।


नए अस्पताल भवन के लिए जमीन की गई चिन्हित


हिसार के जिला नागरिक अस्पताल (District Civil Hospital Hisar) के नए भवन के लिए डीसीएम रोड पर एयरपोर्ट चौक के पास 21 एकड़ तीन कनाल 16 मरले जमीन को चिन्हित किया गया है। यह जमीन राजकीय पशुधन फॉर्म (state livestock form) की है। यह नया अस्पताल तकरीबन 200 से 300 बेड का होगा।


फिलहाल नागरिक अस्पताल में मरीजों को अच्छी सुविधा नहीं मिल पा रही है लेकिन अस्पताल के नए भवन में मरीज को हर एक नई तकनीकी की सुविधा मिलेगी।


राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन राजकीय पशुधन फॉर्म के साथ-साथ वन विभाग के नाम भी दर्ज थी, जिसके चलते हुए विभाग से एनओसी (NOC from Forest Department) लेने की जरूरत पड़ी।


हर रोज करीब 1700 मरीज का होता है इलाज


फिलहाल हिसार के सरकारी अस्पताल (Government Hospital Hisar) में हर रोज लगभग 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में तकरीबन 25 वेंटीलेटर है लेकिन जगह की कमी के कारण यह बंद पड़े हैं। नया भवन बनने के बाद में वेंटिलेटर को उपयोग (use of ventilators) में लाया जा सकेगा। फिलहाल अस्पताल में ट्रामा सेंटर (Trauma center at the hospital) भी नहीं है जिसकी वजह से गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है।

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