Gold Rate Prediction : युद्ध के कारण चल रहा वैश्विक तनाव में सोने कर कीमतों को लेकर सकारात्मक विश्लेषण सामने आएं है। वित्तीय संस्थानों के विश्लेषकों के अनुसार सोने की कीमत अपने पैर मजबूत रख सकती है। विश्व स्तर पर यदि ऐसे ही तनाव की स्थिती बनी रही तो 2026 में तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते रहेंगे। सोने की कितनी कीमत बढेगी क्या उतार-चढाव आएंगे पूरी जानकारी जानने के लिए खबर को पढें।
वैश्विक स्तर पर तनाव के बावजूद सोने की डिमांड
सोने को एक तरीके से इन्वेस्टमेंट के तौर पर खरीदा जाता है। खासकर भारतीय घरों में वहीं विशेषज्ञों के अनुसार,वैश्वविक तनाव और अनिश्चितओं के बीच ऐसे समय में सोना एक भरोसेमंद संपत्ति के रूप में उभरता है। यही वजह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इसकी मांग बनी रहती है। बीते एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने जबरदस्त तेजी दिखाई है। मार्च 2025 में जहां इसकी कीमत करीब 3,019 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस थी, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर लगभग 4,447 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पहुंच गई। यानी करीब 47 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। इस उछाल ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान सोने की ओर खींचा है।
पिछले 10 वर्षों में 4 गुणा बढी सोने की कीमत
Yahoo Personal Finance की जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दस वर्षों में सोने की कीमत लगभग चार गुना बढ़ चुकी है। साल 2016 में एक ट्रॉय औंस सोने की कीमत करीब 1,250 डॉलर थी, जो 2025 के अंत तक 4,300 डॉलर के पार पहुंच गई। अगर उदाहरण के तौर पर देखें तो 2016 में 10,000 डॉलर का निवेश करने वाले निवेशक की रकम 2025 तक करीब तीन गुना से ज्यादा बढ़ सकती थी। बड़े संस्थानों जैसे JPMorgan और Morningstar के विश्लेषकों का भी मानना है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। संस्थानों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता जारी रहती है, तो सोने की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
2030 तक सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
कई विशेषज्ञों के मुताबिक 2030 तक सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास पहुंच सकती है या इसी स्तर के आसपास स्थिर रह सकती है। हालांकि इसे एक संभावित अनुमान माना जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि 28 जनवरी 2026 को सोने ने अब तक का रिकॉर्ड स्तर छू लिया था, जब इसकी कीमत 5,589 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई थी। यह अब तक का सोने की ज्यादा कीमत मानी जा रही है। जो बाजार में इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। सोना आर्थिक संकट के समय पूंजी को सुरक्षित रखने का काम करता है। यही कारण है कि जब भी वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशकों का भरोसा एक बार फिर सोने पर बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक 2026 में भी सोना निवेशकों के लिए एक अहम और भरोसेमंद विकल्प बना रह सकता है, खासकर तब जब वैश्विक परिस्थितियां तनावपूर्ण रहती हैं