RBI के फैसले के बाद अब महंगी नहीं होगी होम लोन EMI

Home Loan – अपना खुद का घर खरीदने का सपना हर किसी का होता है। इसके लिए सभी जिंदगीभर मेहनत कर पैसे जोड़ते हैं, लेकिन आज प्रॉपर्टी की कीमतें बहुत ज्यादा है। इसलिए नया घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेना पड़ता है। अगर आपने होम लोन लिया है तो आपके लिए गुड न्यूज़ है। आरबीआई (RBI) ने हाल ही में एक फैसला लिया है, जिसके बाद होम लोन की ईएमआई (EMI) महंगी नहीं होगी। चलिए नीचे खबर विस्तार से जानते हैं।

होम लोने वालों के लिए गुड न्यूज –

होम लोन बड़ा और लंबी अवधि का कर्ज है। इसलिए इसकी ब्याज दरें लोन पर बड़ा असर डालती हैं। किसी भी बैंक में होम लोन लेने पर ब्याज दरों (Home Loan Interest Rate) में थोड़ा सा फर्क होने पर लाखों की बचत और नुकसान हो सकता है। ऐसे में जब भी होम लोन लेने की बात आती है तो हर कोई इसकी ब्याज दरों को चेक करते हैं देश के सरकारी और प्राइवेट बैंक अलग-अलग अवधि के होम लोन (Home Loan) पर अलग-अलग ब्याज वसूल करते हैं। अगर आप नया घर खरीदने के लिए होम लोन लेने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है।

RBI का बड़ा फैसला –

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अपनी हालिया मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) को स्थिर रखा गया है। आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। आरबीआई के इस फैसले के बाद बाजार में सकारात्मक का माहौल बना दिया है।

आरबीआई (RBI) द्वारा रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने से होम लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, रेपो रेट में बढ़ोतरी होने से होम लोन की ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी होती है और ऐसे में EMI का बोझ बढ़ जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि आरबीआई ने रेपो रेट की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

रेपो रेट में बदलाव नहीं होने से इन लोगों को फायदा –

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्याज दरों में अस्थिरता उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका है, जो लंबे समय से घर खरीदने की सोच रहे हैं, क्योंकि अधिकांश बैंकों के होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क जैसे रेपो रेट (Repo Rate) से जुड़े होते हैं। इसलिए दरों में स्थिरता से कर्ज लेने वालों पर ज्यादा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

ऐसे कम ब्याज दर पर मिलेगा होम लोन –

मौजूदा समय में बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से ग्राहकों को फायदा मिला है। विभिन्न बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFCs) 7.10 प्रतिशत की शुरुआती दर पर होम लोन दे रही है। हालांकि होम लोन लेते समय यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है की सबसे कम ब्याज दर पर कौन-सा बैंक लोन दे रहा है। इसके अलावा आपके क्रेडिट स्कोर पर भी डिपेंड करता है कि लोन किस ब्याज दर पर मिलेगा। आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा होना बेहद जरूरी है अगर आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) अच्छा है तो लोन आसानी से और कम ब्याज पर मिल सकता है।

इस वजह से ब्याज दरों पर पड़ता है फर्क –

लोन लेते समय केवल हेडलाइन रेट न देखें। बैंक आपकी पात्रता तय करते समय इन बातों पर गौर करते हैं। वेतनभोगी व्यक्तियों को अक्सर स्वरोजगार (Self-employed) वालों की तुलना में थोड़ी कम दरों पर लोन मिल जाता है। यदि 30 लाख से कम और 75 लाख से ज्यादा का लेन ले रहे हैं तो ब्याज दरों में मामूली अंतर मिल सकता है। अगर आपका पिछला रिकॉर्ड साफ है और आपने समय पर भुगतान किया है, तो बैंक से आसानी से लोन मिल जाएगा। ऐसे में कम ब्याज दर पर भी लोन मिल सकता है।

यदि आप होम लोन (Home Loan) लेते हैं और ब्याज दर में 0.05% का भी फर्क होता है, तो 20 साल की अवधि में आप लाखों रुपये बचा सकते हैं। इसलिए, किसी भी एक बैंक में होम लोन लेने से पहले 3-4 संस्थानों की प्रोसेसिंग फीस (Home Loan Processing Fee), प्री-पेमेंट चार्ज और छिपे हुए शुल्कों की तुलना जरूर करें। इसके बाद ही बैंक से लोन लें।

Leave a Comment