8th Pay Commission : नए वेतन आयोग में कर्मचारियों की खास मांगे, दिल्ली में हुई मीटिंग

8th Pay Commission : दिल्ली में 8वां वेतन आयोग की दूसरी तीन दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों ने वेतन आयोग के सामने अपनी मांगे रखी। कर्मचारियों ने क्या मांगे रखी तीन दिन बैठक में क्या हुआ इसकी पूरी जानकारी नीचे खबर में दी गई है।

वरीष्ठ अधिकारियों के बीच रखा अपना पक्ष

इस दौरान संगठनों ने अपना पक्ष आयोग की चेयरपर्सन न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, सदस्य सचिव आईएस,पंकज जैन, अंशकालिक सदस्य पुलक घोष और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा।
उनके रखे पक्ष पर अधिकारियों द्वारा सहमती भी जताई गई।

पुरानी पेंशन (OPS)की बहाली

संगठनों ने मुख्यत: तीन चीजों पर अपना मजबूत पक्ष रखा उसमें से पहला यह था कि
साल 2003 के बाद जितने भी कर्मचारी लगे हैं। उन सभी को NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के लाभ दिए जाएं। उसके साथ ही, कर्मचारी अंशदान पर सामान्य भविष्य निधि यानी GPF के समान सुविधा मिले।

माता-पिता को फैमिली यूनिट में जोड़ा जाए

दूसरी मांग संगठन द्वारा यह रखी गई कि फैमिली यूनिट की संख्या बढ़ाई जाए। अभी इसमें 3 की संख्या है इसे बढ़ाकर 5 किया जाए। ताकि माता-पिता को भी फैमिली यूनिट का हिस्सा बनाया जाए। इसके अलावा पुरूष और महिला की यूनिट को समान रखा जाए।

रिटायरेमेंट के बाद 67 प्रतिशत बढ़ाने की मांग

इसमे तीसरी मांग यक है कि रिटायरमेंट के बाद पेंशन को अंतिम वेतन का 67 प्रतिशत किया जाए, ताकि आय में ज्यादा गिरावट न आए। साथ ही फैमिली पेंशन को 50 प्रतिशत किया जाए। जिससे कर्मचारी के निधन के बाद परिवार को सहारा मिल सके।इसके अलावा पेंशन रिवीजन हर 10 साल की जगह 5 साल में करने, HRA को कम से कम 30 प्रतिशत तक बढ़ाने और दिल्ली व मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में इसे और ज्यादा देने की मांग की गई है। संगठनों का कहना है कि ये मांगे बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को राहत मिल सके है।

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