Hisar News : शहर से सटे गांव गंगवा गांव में जल्दी 25 बेड का अस्पताल बनेगा। गांव के अलावा आसपास के गांव के लोगों को भी अस्पताल बनने से चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके अलावा गांव की सूरत को बदलने के लिए ग्राम पंचायत की तरफ से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जानिए खबर में क्या-क्या सुविधाएं गांव को मिलने वाली है।
25 बेड के अस्पताल के लिए जमीन आरक्षित
गांव गंगवा गांव में जल्दी 25 बेड का अस्पताल बनेगा। इसको लेकर पंचायत की तरफ से जमीन आरक्षित की गई है। गांव के अलावा आसपास के गांव के लोगों को भी अस्पताल बनने से चिकित्सा सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों को शहर के सरकारी अस्पताल में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। काफी समय से ग्रामीणों की तरफ से गांव में अस्पताल बनाने के लिए मंत्री और अधिकारियों से भी मुलाकात की जा रही थी।
77 करोड़ रुपये की लागत से सीवर, पेयलज लाइन बिछाने का काम जारी
77 करोड़ रुपये की लागत से गांव में महाग्राम योजना के तहत सीवर व पेयजल लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जिससे गांव में बेहतर पेयजल सप्लाई व सीवरेज व्यवस्था होगी। इसकी जानकारी गांव के सरपंच भगवान दास ने देते हुए बताया कि काफी समय से योजना के तहत कार्य जारी है जिसको 40 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। सरपंच ने बताया कि आने वाले दिनों में गांव की सूरत बदलने वाली गांव के अंदर शहर में मिलने वाली सारी सुविधाएं होगी। जिससे ग्रामिणों को शहर का रूख नहीं करना पड़ेगा।
30 जून तक तैयार हो जाएगी आधुनिक लाइब्रेरी
सरपंच ने बताया कि गांव में आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। जिसका कार्य 30 जून तक पूरा हो जाएगा। पुस्तकालय बनने से गांव के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा। लाइब्रेरी में सभी प्रकार की सुविधाएं विद्यार्थियों को मिलेगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा गांव में मैरिज पैलेस की सुविधा भी अब ग्रामिणों को गांव में ही मिलेगी। साथ ही गांव में हर जगह पार्कों का निर्माण करवाया जाएगा। जिससे गांव में खुशनुमा माहौल बनेगा।
लड़कियों के लिए बनाया गया खेल मैदान
जानकारी देते हुए सरपंच ने बताया कि लड़कियों के लिए गांव के स्कूल में खेलने के लिए मैदान बनवाया हुआ है। जिससे लड़कियां पढ़ाई के साथ खेल में भी अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। उन्होंने बताया कि गांव में पहले से ही खेल मैदान बना हुआ है। जिसकों मिनी स्टेडियम के नाम से जानते हैं। अब इस मैदान को और बढ़ाने के लिए ढ़ाई एकड़ जमीन दे दी गई है।
कचरा डालने के लिए अलग जगह
सरपंच भगवान दास ने बताया कि इन सब विकास कार्यों के साथ गांव में साफ-सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। गांव में कचरा डालने के लिए अलग जगह निर्धारित की गई है। इसके अलावा गांव में टूटी-गलियों को सुधारने का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि पिछली साल गांव में ड्रेन टूटने के जलभराव की समस्या पैदा हुई थी। जिससे अब निजात मिल गई हे।