Hisar Ring Road : हिसार में रिंग रोड का क्या है रूट, जानें कितना होगा अब दायरा

Hisar Ring Road : हरियाणा के हिसार शहर के विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सरकार की तरफ से नए-नए कदम उठाएं जा रहे है। अब हिसार शहर के बाहर को रिंग रोड निकाला जा रहा है जिसका रूट तय कर दिया गया है। आइए खबर के माध्यम से जानते है क्या होगा रूट और इसके लिए कितना होगा दायरा।


हरियाणा सरकार (Haryana Government) की तरफ से माना जा रहा है कि अगर सड़क परिवहन को मजबूत किया जाएं तो प्रदेश के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। अब हरियाणा के हिसार शहर (Hisar News) के बाहर को रिंग रोड़ बनाया जा रहा है।

इस नए रिंग रोड से शहर के विकास को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन हिसार में बनने वाला रिंग रोड प्रोजेक्ट (Ring Road Project) अब मुश्किल में पड़ सकता है, क्योकि NHAI विभाग की तरफ से इस प्रोजेक्ट की लंबाई अचानक काफी बढ़ा दी गई है। पहले यह रिंग रोड 25.3 से 38.4 किलोमीटर तक बनना था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 41 किलोमीटर तक कर दिया गया है।


लागत में भी हुई बढ़ोतरी


रिंग रोड की लंबाई (length of ring road) बढ़ने से प्रोजेक्ट की लागत भी लगभग दुगनी हो गई है। पहले इस पर करीब 1900 करोड़ रुपए खर्च होने थे, लेकिन अब बजट बढ़कर लगभग 3400 करोड़ रुपए पहुंच गया है। इससे केंद्र सरकार (Central government) से मंजूरी मिलने में देरीआ सकती है।


मिली जानकारी के मुताबिक पता चला है कि अधिकारियों ने नए रूट में उन इलाकों को जोड़ दिया है जो पहले से आबाद है या नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। माना जा रहा है कि इससे बड़े कॉलोनाइजरों को फायदा होगा, जबकि खर्च का बोझ जनता पर पड़ेगा।

हिसार के उपर को बन रहे रिंग रोड की लंबाई बढ़ने से जमीन अधिग्रहण, निर्माण सामग्री, पुल-पुलिया और इंटरचेंज की संख्या भी बढ़ गई है। नए रूट में शहर के बाहरी हिस्सों और नई कॉलोनियों को शामिल किया गया है। इससे ज्यादा जमीन खरीदनी पड़ेगी और मुआवजा भी अधिक देना होगा।


रिंग रोड प्रोजेक्ट क्या है?


हिसार शहर को ट्रैफिक जाम से राहत (Hisar city traffic jam) दिलाने के लिए इस रिंग रोड़ को बनाया जा रहा है। बाहरी वाहनों को शहर में आए बिना ही दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा। रिंग रोड राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड और कई मुख्य मार्गों को आपस में जोड़ेगा।


परियोजना में फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस रोड भी बनाई जाएंगी। अभी तक जमीन अधिग्रहण से जुड़ा करीब 90 प्रतिशत सर्वे पूरा हो चुका है।


इतनी जमीन अधिग्रहित होगी


41 km लंबे इस रिंग रोड के लिए करीब 667 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। प्रभावित किसानों को चरणबद्ध तरीके से मुआवजा दिया जाएगा।


प्रोजेक्ट में जोड़ा गया नया हिस्सा


प्रोजेक्ट में मुकलान से तलवंडी राणा तक का हिस्सा नया जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य शहर के बाहरी हिस्सों को जोड़ना और ट्रैफिक को शहर में प्रवेश किए बिना (Hisar News) डायवर्ट करना है।

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