Gold Price : नए माह की शुरुआत के साथ ही सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अब लगन सीजन की शुरुआत हो गई है। ऐसे में सोने की कीमतों (Gold Silver Price Today) में तेजी से सोना खरीददारो की चिंता बढ़ गई है। अगर आप भी आज सोना खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो ऐसे में आइए खबर में जानते हैं कि देशभर में 24 कैरेट, 22 कैरेट के रेट क्या चल रहे हैं।
कितने बढ़े सोने के रेट
देशभर में 24 कैरेट सोने का भाव (24 Karat Gold Rate) 22 रुपये प्रति ग्राम की तेजी के साथ 15,066 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही 22 कैरेट सोने की कीमत 20 रुपये प्रति ग्राम तेजी के साथ 13,810 रुपये प्रति ग्राम पर चल रही है। 18 कैरेट सोने की भी कीमत भी 16 रुपये प्रति ग्राम की तेजी के साथ 11,299 रुपये प्रति ग्राम हो गई है।
किन शहरों में क्या चल रहे भाव
मुंबई में 22 कैरेट गोल्ड का भाव (Gold prices in Mumbai) 1,50,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, चेन्नई में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,51,640 रुपये, कोलकाता में 22 कैरेट सोने का भाव 1,50,660 रुपये, बेंगलुरु में 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,50,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।
प्रति 10 ग्राम व 100 ग्राम चांदी के रेट
देशभर में आज सोने (Sone Ke Rate)के साथ ही चांदी में भी तेजी देखने को मिली है।आज 1 मई को 10 ग्राम चांदी की कीमत 50 रुपये बढ़त के साथ 2,550 रुपये पर ट्रेड कर रही है। इसकेर साथ ही 100 ग्राम चांदी की कीमत आज 500 रुपये की तेजी के साथ 25,500 रुपये पर ट्रेड कर रही है। ठीक ऐसे ही एक किलो चांदी की कीमत आज 5,000 रुपये बढ़त के साथ 2,55,000 तक पहुंच चुकी है।
मुंबई, दिल्ली(Delhi Gold Price), कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, वडोदरा और अहमदाबाद में आज 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,550 रुपये और 100 ग्राम चांदी की कीमत 2,55,000 रुपये के आस-पास चल रही है। हालांकि, चेन्नई, हैदराबाद जैसे शहरों में चांदी की कीमत प्रति 10 ग्राम 2,650 रुपये और प्रति किलो 2,65,000 रुपये पर ट्रेड कर रही है।
सोने का अंतर्राष्ट्रीय भाव
घरेलू बाजार में जहां सोने में तेजी देखने को मिली है। वहीं, आज सोने का अंतर्राष्ट्रीय भाव (International price of gold) 4,600 डॉलर प्रति औंस के आस-पास रहा है। इसके बीते सेशन में इस कीमती धातु की कीमत में तकरीबन 2 परसेंट की बए़ौतरी हुई थी। इस कीमती धातु की कीमतों में आई इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना और ईरान व अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव रहा है।