Hisar News : बिजली आपूर्ति नहीं होगी बाधित, निगम करेगा 515 मेन लाइनों की मरम्मत

Hisar News : गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली विभाग पर लोड बढ़ जाता है। यह परेशानी बिजली विभाग को हर गर्मी के मौसम में उठानी पड़ती है। जिससे निपटने के लिए उन्हें तैयार रहना पड़ता है। वहीं हीटवेव का अलर्ट जारी होने की संभावना को देखते हुए विभाग ने आने वाली चुनौती से निपटने केइ लिए कमर कस ली है। बिजली विभाग ने एक्शन प्लान तैयार किया है। अब आगे खबर में जानिए विभाग ने क्या प्लान बनाया है बिजली की आपूर्ति और निगरानी और नियंत्रण के लिए।

पांच इलेक्ट्रिसिटी हाउस की क्षमता बढ़ाई जाएगी


सर्कल में स्थापित 5 इलेक्ट्रिसिटी हाउस की क्षमता बढ़ाई जाएगी। निगम की तरफ से बिजली आपूर्ति की निगरानी और नियंत्रण करने की रूपरेखा भी तैयार की गई है। बिजली निगम के एसई एफआर नकवी ने जानकारी दी कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सर्कल की 11 केवी की मेन सप्लाई की स्पेशल मरम्मत करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 144 फीडर्स की मरम्मत का कार्य मार्च महीने में पूरा करवाया जा चुका है।

फॉल्ट की सूचना मिलने पर टीमें 10 मिनट में पहुंचेगी

उन्होंने बताया कि शहर का मरम्मत का काम देखने वाली एजेंसी सूर्या के 15 जगह शिकायत केंद्र खुले हैं। इन केंद्रों पर फॉल्ट की शिकायत मिलने पर तुरंत कर्मचारी मौके पर पहुंचकर बिजली के फॉल्ट को दूर करेंगे। इसके अलावा बिजली कटौती की सूचना इंटरनेट मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई जाएगी।

आपात स्थिती से निपटने के लिए टीमें रहेगी तैयार

एसई ने बताया कि गर्मी के समय जब पीक टाइम होगा उस दौरान डायनेमिक लोड मैनेजमेंट लागू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार लोड शेडिंग की जाएगी। इस दौरान आपात स्थिती से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तैनात रहेंगी।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा कंट्रोल रूम

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के हेड ऑफीस से एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम 24/7 आधार पर कार्य करेगा, जो पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। यह कंट्रोल रूम फीडर स्तर पर सप्लाई की स्थिति, ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन पर नजर रखेगा तथा आउटेज और बहाली का पूरा रिकॉर्ड बनाएगा।

बेकार पड़ी केवी लाइनों को हटाया जाएगा

हिसार सर्कल में लंबे समय से बेकार पड़ी 33 केवी और 11 केवी लाइनों को हटाने का फैसला लिया गया है। ये वे लाइनें हैं जो अब किसी काम की नहीं रहीं और भविष्य में भी उपयोग में नहीं लाई जाएंगी। निगम ने ऐसी लाइनों की पहचान शुरू कर दी है।

अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं पहले रखा जाएगा

बिजली आपूर्ति में अस्पतालों, जलापूर्ति योजनाओं और अन्य जरूरी सेवाओं को सबसे ऊपर रखा जाएगा। गर्मी के मौसम में लोड बढ़ने से पहले ही हॉट लाइनों का मेंटेनेंस पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संवेदनशील फीडरों, ट्रांसफार्मरों और सबस्टेशनों की अग्रिम मरम्मत सुनिश्चित करने पर जोर है।

ब्रेकडाउन फीडरों पर होगी खास नजर

निगम ने साफ किया है कि अब ज्यादा ब्रेकडाउन देने वाले फीडरों पर खास नजर रखी जाएगी। 11 केवी के ऐसे फीडर जिनमें महीने में 20 या उससे ज्यादा खराबी आ रही है, और 33 केवी के वे फीडर जिनमें 5 या उससे ज्यादा ब्रेकडाउन हो रहे हैं, उनकी अलग से समीक्षा होगी। इन फीडरों पर विशेष टीमें लगाकर मरम्मत और लोड कम करने का काम किया जाएगा, ताकि सप्लाई बाधित न हो।

इन 33 केवीए बिजलीघरों की बढ़ेगी क्षमता
बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 33 केवी बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके तहत बिजलीघर
कोथकलां, भंगाली, ऑटो मार्केट और खेड़ी लोचब सहित कई सबस्टेशनों की क्षमता में इजाफा किया जाएगा। वर्तमान में इन बिजलीघरों की क्षमता 10 से 22.5 एमवीए के बीच है, जिसे बढ़ाकर 20 से 22.5 एमवीए तक किया जाएगा। इस योजना के तहत अधिकांश केंद्रों पर करीब 10 एमवीए तक क्षमता बढ़ेगी, जिससे बढ़ते लोड को संभालना आसान होगा और उपभोक्ताओं को ज्यादा स्थिर व बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

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