Hisar News : सेक्टर 27-28 में पीने के पानी की सुविधा नहीं, सेक्टरवासी जो पानी पी रहे हैं उसका टीडीएस 700 से पार है। चलिए हम खबर में विस्तार से जानते हैं कि खराब टीडीएस का पानी पीने से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा।
लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा पानी
शहर के सेक्टर 27 28 पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है। वहां पर रहने वाले लोग और काम करने वाले कर्मचारी जो पानी पी रहे हैं उसका टीडीएस 700 से पार है। ऐसे में यह पानी पीने के लायक नहीं है। यह पानी लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। पीने की पानी की सप्लाई ना मुख्य कारण यह है कि अभी तक सेक्टर 27 28 में पेयजल सप्लाई की पाइप तक नहीं डाली गई है। इसकी वजह यह है कि जो पाइप लाइन डाली गई है वह रेलवे लाइन तक आकर रुक गई।
ट्यूबल का पानी पी रहे कर्मचारी
रेलवे लाइन क्रॉसिंग ना होने के कारण पेयजल की लाइन बिछाई नहीं गई। ऐसे में यहां पर काम करने वाले लोगों को भूमिगत जल पीना पड़ रहा है। यहां पर रहने वाले उद्योगपतियों का कहना है कि सेक्टर 27-28 को बसे 25 साल हो चुके हैं। लेकिन अभी तक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से पेयजल सप्लाई की लाइन नहीं बिछाई गई है। जिस कारण मजबूरी में उन्हें ट्यूबल का पानी पीना पड़ रहा है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र में नल के लगे हुए हैं उनका पानी अभी पीने के लायक नहीं है।
200 के करीब काम करे कर्मचारी
200 के करीब उद्योगों में कर रहे हजारों कर्मचारी काम सेक्टर 27 28 में करीब छोटे-बड़े 200 के करीब उद्योग है। जिनमें हजारों कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों को मजबूरन नल के या ट्यूबवेल से सप्लाई होने वाला का पानी पीना पड़ रहा है। जिसका टीडीएस 700 से अधिक है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यहां पर रहने वाले उद्योगपतियों और कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि यहां पर साफ पानी की सप्लाई की व्यवस्था की जाए।
300 से बीच होना चाहीए पानी का टीडीएस
विशेषज्ञों के अनुसार पीने योग्य पानी का टीडीएस 300 से के बीच होना चाहिए। उनके अनुसार 500 से ज्यादा टीडीएस पानी पीने लायक नहीं है। बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इस औद्योगिक क्षेत्र में अब तक शुद्ध पेयजल की सप्लाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
खराब टीडीएस का पानी पीने हो सकती है बिमारी
इस पर चिकित्सकों का भी कहना है कि अगर लोग इस खराब टीडीएस का पानी पीने से शरीर को अनेकों बिमारी घर कर लेती हैं। उनमें वो पानी पीने से पेट दर्द, उल्टी, किडनी स्टोर होने का खतरा रहता है। स्थनिय लोगों ने शु्द्व पेयजल की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।