Hisar News : मौसम का मिजाज कभी भी बदल सकता है। खासकर इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। बादलो की गड़गड़ाहट और बारीश आने की संभावना या गरजेगी बिजली इसकी जानकारी तीन घंटे पहले ही मौसम की जानकारी मिल सकेगी। डाप्लर वेदर रडार (Doppler Weather Radar) की स्थापना के बाद हिसार शहर को मौसम की जानकारी पाने के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसको एनओसी मिलने के बाद क्या फायदा शहर को मिलने वाला है इस खबर में जानिए।
अन्य शहरों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर
मौसम क्या करवट ले रहा है या लेने वाला है यानी मौसम में होने वाला हर बदलाव दो या तीन घंटों में पता चल सकेगा। इससे हवाई और कृषि क्षेत्र को फायदा मिलेगा। वहीं अभी तक मौसम का मिजाज जानने के लिए हिसार को अन्य बड़े शहरों के उपर निर्भर रहना पड़ता था। अन्य बड़े शहरों जयपुर,पटियाला,दिल्ली, आदि जगहों पर लगी रडार से जानकारी मिलती थी। जिससे काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था।
दिल्ली की टेक्नॉलाजी की टीम इसे विकसीत करेगी
भारत सरकार के द्वारा चलाए जा रहे मिशन मौसम के तहत हिसार में इसकी स्थपना होगी। यह रडार स्थापित होने बाद इसका फायदा हिसार के आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा। लाभ लेने वाले क्षेत्रों में पंजाब और राजस्थान के लोगों को मिलेगा। रडार को स्थापित करने की जिम्मेदारी दिल्ली की तकनीकी टीम को सौंपी गई है।
सावधानी बरतने में मिलेगा समय
60 फीट की ऊंचाई पर स्थापित इस रडार की 150 किलामीटर के दायरे में मौसम की हलचल जानने की क्षमता है। यह रडार 60 फीट की ऊंचाई पर स्थापित होगी। जिससे अगर तेज हवा चलनी है या तेज बारिश होनी या बिजली गिरनी है इसका पता दो या तीन घंटे पहले लग जाएगा। जिससे लोगों को सावधानी बरतने के लिए प्राप्त समय मिलेगा।
हवाई सेवाओं की सुरक्षा बढ़ी
मौसम की समय से पहले जानकारी मिलने से हिसार एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन और सुरक्षित होगा। पायलटों को बदलते मौसम के बारे में पहले से जानकारी मिलेगी आपात स्थितियों से निपटना आसान होगा।
किसानों के लिए भी फायदेमंद
रडार से मिलने वाली जानकारी किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। जानकारी मिलने पर वे अपनी फसलों को बारिश, आंधी या ओलावृष्टि से बचाने के लिए समय रहते तैयारी कर सकेंगे। साथ ही, बुवाई, सिंचाई और कटाई जैसे कार्यों की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी, जिससे नुकसान कम होगा और उत्पादन में स्थिरता आएगी।
जानिए क्या कहते हैं अधिकारी
मौसम विभाग चंडीगढ़ के वैज्ञानिक शिविंदर सिंह के अनुसार हिसार में डॉप्लर वेदर रडार लगाने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।