Petrol डीजल होगा महंगा, इस कारण से बढ़ सकते हैं दाम

Petrol Diseal Price : सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के आयात पर रातोंरात टैक्स लगा दिया। टैक्स को 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल और डीजल को बचाने की अपील की है। अब खबर में विस्तार से जानिए पीएम की अपील के बाद पेट्रोल और डीजल की किल्लत हो सकती है या फिर दामों में इजाफा किया जाएगा। चलिए जानते हैं।

85 प्रतिशत तेल आयात करता है भारत

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार बढ़ते तनाव का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की सप्लाई कमजोर पड़ रही है, जबकि भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने की आशंका हो गई है।

कंपनियों का दावा उन्हें 1 हजार करोड़ का नुकसान हर दिन हो रहा

तेल कंपनियों का दावा है कि मौजूदा हालात में उन्हें हर दिन करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। माना जा रहा है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

भविष्य में तेल की कमी न हो इसलिए की अपील

पीएम नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल को बचाने की अपील की है। तब से ही कयासों का दौर जारी है कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की किल्लत हो सकती है या फिर दामों में इजाफा किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि खरीद थोड़ी कम हो सके और विदेशी मुद्रा की बचत संभव हो। इससे स्पष्ट है कि भारत के समक्ष थोड़ा संकट है और सरकार उससे समय रहते निपटना चाहती है

हरदीप पुरी बोले- पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त सप्लाई मौजूद है। हालांकि उन्होंने पीएम मोदी की अपील को वेकअप कॉल बताया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार आने वाले समय में तेल खपत और कीमतों को लेकर कुछ बड़े फैसले ले सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर

इस बीच उद्योगपति उदय कोटक ने भी पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को भारत के लिए आर्थिक खतरा बताया है। उनका कहना है कि यदि हालात लंबे समय तक बिगड़े रहे तो इसका असर सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

रुपया कमजोर होने और महंगाई बढ़ने की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी रही तो भारत का आयात बिल बढ़ जाएगा। इससे रुपया कमजोर हो सकता है और देश में महंगाई भी बढ़ सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार तेल कंपनियां फिलहाल अपने फंड से नुकसान की भरपाई कर रही हैं, लेकिन यह स्थिति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती। ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का फैसला कभी भी लिया जा सकता है।

Leave a Comment