Free flow tolling system : एनएचएआई यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में टोल प्लाजा पर अब बिना रुके ही टोल टैक्स काटने की तैयारी चल रही है। इसके लिए मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम (Free flow tolling system) का इस्तेमाल किया जाएगा।
इन वाहनचालको को किया जाएगा ब्लैक लिस्ट
एनएचएआई (NHAI) की ओर से की जा रही इस तैयारी में वाहन चालक एक फास्टैग (Fastag uses) का उपयोग अपने दूसरे वाहन के लिए नहीं कर सकते। वहीं, अगर किसी भी सूरत में दूसरे वाहन में फास्टैग का प्रयोग करते हुए वाहन चालक मिलता है तो उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। साथ ही इस दौरान वाहन की नंबर प्लेट में भी कोई बदलाव नहीं होगा। इस प्रणाली के प्रयोग में लाने के लिए नंबर प्लेट में सभी अंक सही तरीके से और साफ-साफ लिखे हुए होने चाहिए।
समय और ईंधन की होगी मोटी बचत
हम बात करें अकेले आगरा शहर की तो आगरा में वर्तमान में आधा दर्जन से ज्यादा टोल प्लाजा हैं। यह टोल प्लाजा (toll plaza New Rules) मुख्य रूप से जयपुर हाईवे, न्यू दक्षिणी बाइपास, ग्वालियर हाईवे, आगरा-नई दिल्ली हाईवे, आगरा-इटावा हाईवे और हाथरस रोड पर हैं। वहीं, आने वाले समय में उत्तरी बाईपास पर भी एक टोल प्लाजा शुरू होने वाला है। देखने में मिलता है कि हर रोज टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है, जिसकी वजह से लोगों का समय भी बर्बाद होता है। ऐसे में अब एनएचएआई का यह फैसला (NHAI toll plaza Rules) लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत करेगा।
कैसे होती है सिस्टम की पहचान
एनएचएआई के एक अधिकारी के अनुसार एमएलएफएफ बिना रुकावट का टोल सिस्टम (toll system) है। इस सिस्टम के उपयोग से टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने की आवश्यकता नहीं होती और वाहन तेजी से यहां से निकाल सकते हैं। इस सिस्टम (Multi-lane free flow tolling system) की पहचान फास्टैग और नंबर प्लेट के माध्यम से होती है। ऐसे में जिसके भी वाहन का वह फास्टैग है उसी में इसका प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, यह ध्यान रखना होगा की गाड़ी के नंबर प्लेट में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ न हो और कोई बदलाव भी नहीं किया गया हो।
अधिकारी का कहना है कि अब तक एमएलएफएफ के जो भी परीक्षण (Trials of MLFF) हुए हैं वह सभी सफल रहे हैं। इसका प्रणाली का सबसे पहले प्रयोग गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा पर हुआ था। वहीं, इसके बाद तमिलनाडु में भी दो दर्जन से अधिक टोल प्लाजा पर इस प्रणाली (New system at toll plaza)को लागू किया जा चुका है।
जाने क्या है यह नई तकनीक
बात करें एमएलएफएफ तकनीकी (MLFF Technical) तो इसमें एआई आधारित नंबर प्लेट, पहचान कैमरे और फास्टैग का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बड़ी ही तेजी से कैमरे में जो सेंसर लगा होता है वह फास्टैग या फिर वाहन की नंबर प्लेट को रीड कर लेता है और उस वाहन के लिए टोल टैक्स कट (toll tax cut) हो जाता है।