Haryana News : देश भर की मंडियों में रबी फसलों की आवक जारी है। मंडियों में इन दिनों गेहूं, सरसों तथा चने की फसलों को लेकर किसान पहुंच रहे हैं। सरसों की सरकारी खरीद को लेकर भी नया अपडेट जारी किया गया है और हरियाणा में सरसों खरीद की तारीख बढ़ा दी गई है। आइए जानते हैं अब किस दिन तक किसान सरकारी रेट पर बेच सकेंगे सरसों की फसल।
देशभर के किसान अपनी फसल को सरकारी रेट (Agriculture News) पर बेचना सही मानते हैं। हरियाणा में रबी सीजन की फसलों की सरकारी खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। हरियाणा में अबकी बार सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च 2026 से शुरू हो गई थी सरसों की यह सरकारी खरीद 1 मई 2026 तक चली और इसके बाद इसे बंद कर दिया गया।
हरियाणा में सरसों की सरकारी खरीद को लेकर अब फिर एक नया अपडेट सामने आया है और बताया गया है कि सरसों सरकारी खरीद की तारीख अब बढ़ा दी गई है और किसान अब फिर अपनी सरसों की फसल (anaj mandi news) को सरकारी रेट पर बेच सकते हैं।
सरसों का सरकारी रेट
मई 2026 के अनुसार हरियाणा की मंडियों में सरसों का सरकारी रेट (Government rate of mustard) यानि MSP फिलहाल 6200 रूपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। लेकिन खुले बाजार का भाव देखा जाए तो वह 5780 से 6700 प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक पता चला है कि हरियाणा में सरकारी रेट पर सरसों (sarso ka bhav) खरीद की तारीख को बढ़ा दिया गया है। अब किसान 31 मई तक सरकारी रेट पर अपनी सरसों की फसल को बेच सकते हैं।
मंडी सचिव की तरफ से बताया बया है कि सरसों की सरकारी खरीद (government procurement of mustard) दोबारा शुरू होने पर मंडी में एक बार फिर सरसों की आवक बढ़ बई है।
पिछले साल के मुकाबले किसानों को अबकी बार सरसों का एमएसपी रेट (MSP Price Of Sarso) काफी ज्यादा मिला है क्योंकि पिछले साल सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपए प्रति क्विंटल था जिसमें अबकी बार लगभग ढाई सौ रुपए का उछाल देखने को मिला है और अबकी बार किसानों को सरसों का सरकारी रेट 6200 रूपये प्रति क्विंटल (mustard price) मिला है। लेकिन अब की बार किसानों को सरकारी रेट से ज्यादा खुले बाजारों में भाव अच्छा मिल रहा है और किसान अपनी सरसों की फसल को प्राइवेट भाव पर बेचना पसंद कर रहे हैं।