House Buying : घर खरीदारों और बिल्डर्स को बड़ी राहत, विकास शुल्क की दरें कम

House Buying : उत्तर प्रदेश सरकार ने घर खरीदारों और बिल्डर्स को बड़ी राहत दी है। उत्तर प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग विभाग ने विकास शुल्क (Development charge) की नई दरें लागू कर दी हैं, जो पहले की तुलना में कम हैं।

इस बदलाव के बाद खासकर दिल्ली एनसीआर से सटे इलाकों जैसे गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, आगरा और वृंदावन में घर बनाना सस्ता हो जाएगा। साथ ही छोटे रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्लॉट (commercial plot) खरीदने वालों को डेवलपमेंट फीस में 50 प्रतिशत की छूट भी दी गई है।

गाजियाबाद में डेवलपमेंट चार्ज ₹4,170 प्रति वर्ग मीटर तय
उत्तर प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, दिल्ली से सटे गाजियाबाद विकास क्षेत्र में डेवलपमेंट चार्ज (Development charges in Ghaziabad development area) की दर 4,170 रुपये प्रति वर्ग मीटर से घटाकर 4,165 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है।

किन इलाकों में घटा विकास शुल्क और कितनी हुई कमी

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के नजदीकी क्षेत्रों जैसे मेरठ, मुरादाबाद, गजरौला, बरेली, लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर में डेवलपमेंट चार्ज 1,510 रुपये से घटाकर 1,450 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।

आगरा विकास क्षेत्रों में विकास शुल्क 2,475 रुपये प्रति वर्ग मीटर से घटाकर 2,462 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।

अलीगढ़, बुलंदशहर-खुर्जा, सिकंदराबाद, मथुरा-वृंदावन, मुजफ्फरनगर, हापुड़-पिलखुवा, सहारनपुर और बागपत-बड़ौत-खेकड़ा जैसे क्षेत्रों में विकास शुल्क 1,070 रुपये से घटाकर 1,020 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में विकास शुल्क (प्रति वर्ग मीटर)

डेवलपमेंट एरिया – पुरानी दर (रु/वर्ग मी.) – नई दर (रु/वर्ग मी.)

गाजियाबाद – 4170 – 4165

आगरा – 2475 – 2462

मेरठ, मुरादाबाद, लोनी, मोदीनगर – 1510 -1450

सहारनपुर, हापुड़-पिलखुवा, बागपत – 1070 – 1020

रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्लॉट्स पर नई दरें
सरकारी आदेश के अनुसार 100 वर्ग मीटर तक के रेजिडेंशियल प्लॉट (Residential Plot) और 30 वर्ग मीटर तक के कमर्शियल प्लॉट के मामलों में डेवलपमेंट चार्ज की गणना सामान्य शुल्क के केवल 50 प्रतिशत के आधार पर की जाएगी।

पारदर्शी आधार पर होगा डेवलपमेंट चार्ज का कैलकुलेशन

डेवलपमेंट चार्ज की गणना एक पारदर्शी फॉर्मूले के आधार पर की जाएगी। इसमें जमीन का आकार, उसका उपयोग, फ्लैट्स या इकाइयों की संख्या और लोकेशन जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

जमीन का साइज आपके प्लॉट के क्षेत्रफल के आधार पर तय किया जाएगा। जमीन के इस्तेमाल से तात्पर्य यह है कि उस पर क्या निर्माण किया जा रहा है। भीड़ या फ्लैट की संख्या का निर्धारण इस बात से होगा कि एक फ्लैट में कितने लोग रह सकते हैं या उस परियोजना में कितने फ्लैट बनाए गए हैं। वहीं लोकेशन यह तय करेगी कि संपत्ति शहर के बीचों-बीच है या शहर के बाहरी इलाके में।

डेवलपमेंट चार्ज में कटौती और छोटे प्लॉट्स पर 50 फीसदी की छूट मिलने से घर या छोटी दुकान का नक्शा पास कराने का खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा।

छोटे भूखंडों पर विकास शुल्क में मिलने वाली छूट

भूखंड की श्रेणी – भूखंड का अधिकतम आकार – देय विकास शुल्क

आवासीय भूखंड – 100 वर्ग मीटर तक – कुल निर्धारित विकास शुल्क का मात्र 50%

कमर्शियल भूखंड – 30 वर्ग मीटर तक – कुल निर्धारित विकास शुल्क का मात्र 50%

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