Sarso Bhav : एमएसपी से 300 रुपये ज्यादा बिक रही सरसों, नमी बन रही किसानों के लिए परेशानी

Sarso Bhav : देशभर में इस बार बेमौसम बरसात के चलते सरसों उत्पादन कामी कम हुआ है। बरसात और धूप के चलते किसानों के लिए नमी एक बड़ी परेशानी बन रही है। सरसों के उत्पादन में कमी के चलते इस बार किसानों को एमएसपी से 300 रुपये ज्यादा सरसों का भाव (Sarso ke Bhav) मिल रहा है। खबर में जानिए कि सरसों के ताजा भाव क्या चल रहे हैं।

लैब की सरसों का भाव
दरअसल, आपको बता दें कि नारनौल की खुली मंडी में व्यापारियों की तरफ से लैब जांच व सरकारी खरीद चल रही है, उस दौरान नमी के चलते किसानों को समस्या हो रही है। अब मंडियों में 42 प्रतिशत लैब की सरसों का भाव 6500 रुपये पर बना हुआ है। वहीं, लैब की सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum support price of mustard) 6200 रुपये तय किया गया गया है।

क्यों हो रही किसानों को परेशानी
जान लें कि व्यापारी लैब जांच में 40 प्रतिशत से कम लैब बैठने पर सरसों 6 हजार से 6100 रुपये के भाव पर खरीदी जा रही हैं। वहीं, दूसरी ओर सरकारी खरीद में 8 प्रतिशत से अधिक नमी के चलते सरसों की खरीद नहीं हो रही है। इस वजह से किसानों को सरसों के भाव (Sarso Ke Bhav) में तेजी के बाद भी सरसों की बिक्री के लिए परेशानी हो रही है।

अटेली में कितनी हुई गेहूं की खरीद
इसके साथ ही अटेली में आज 530 क्विंटल गेंहू की खरीदी (Wheat procurement in Ateli) हुई और अब तक का हिसाब देखें तो कुल 9580 क्विंटल गेंहू की खरीदी की जा चुकी है। अटेली में सरसों की सरकारी खरीद का अकाउंट ओपन हो गया है और 160 क्विंटल सरसों की खरीदी की गई है। इसके साथ ही नारनौल में 80 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीदी हुई और अब तक सरसों की खरीद 730 क्विंटल की जा चुकी हैं। अटेली में सिर्फ 9 दिनों में 4920 क्विंटल गेंहू और नारनौल में 500 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है।

कितने भाव पर हो रही सरसों की खरीद
किसान का कहना है कि वह खुली मंडी में वो सरसों की बिक्री (sale of mustard)के लिए आए थे, लेकिन लैब 40 प्रतिशत से कम था। व्यापारी सिर्फ 6 हजार से 6100 रुपये के भाव पर सरसों की खरीद कर रहे थे। इस वजह से मैंने अपनी सरसों को सरकारी खरीद में बेचने का निर्णय लिया है। व्यापारियों द्वारा कम भाव के चलते मैंने सरकारी खरीद में फसल (Sarso Ki Fasal) बिक्री के लिए गेटपास जारी करवाया लेकिन सरसों में नमी की मात्रा ज्यादा थी, जिस वजह से वेट करना पड़ा।

सुचारू रूप से चल रहा गेटपास जारी का काम
व्यापारियों द्वारा जो गेटपास जारी (Gate pass issuance) किया गया है, उसका काम सुचारू रूप से हो रहा है। सरकारी खरीद में सरसों की आवक में इजाफा हुआ है। किसानों से कहा गया है कि नियमों के अनुसार डॉक्यूमेंअ लेकर मंडी आए ताकि गेटपास जारी करने पर परेशानी न हो।

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